IDFC first bank share Jefferies buy rating target price is 100 rs check detail 44% उछलेगा 74 रुपये वाला शेयर, फ्रॉड केस के बीच ब्रोकरेज का अनुमान, Business Hindi News - Hindustan
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44% उछलेगा 74 रुपये वाला शेयर, फ्रॉड केस के बीच ब्रोकरेज का अनुमान

फ्रॉड मामले के उजागर होने के बीच इसके शेयर परफॉर्मेंस को लेकर निवेशक बुलिश नजर आ रहे हैं। बैंक के शेयर की बात करें तो बीते शुक्रवार को मामूली बढ़त के साथ 73.48 रुपये पर बंद हुआ। ब्रोकरेज जेफरीज ने शेयर के लिए नया टारगेट प्राइस दिया है।

Sun, 1 March 2026 11:34 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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44% उछलेगा 74 रुपये वाला शेयर, फ्रॉड केस के बीच ब्रोकरेज का अनुमान

IDFC first bank share: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फ्रॉड मामले के उजागर होने के बीच इसके शेयर परफॉर्मेंस को लेकर निवेशक बुलिश नजर आ रहे हैं। बैंक के शेयर की बात करें तो बीते शुक्रवार को मामूली बढ़त के साथ 73.48 रुपये पर बंद हुआ। ब्रोकरेज जेफरीज ने इस शेयर के लिए नया टारगेट प्राइस दिया है।

क्या कहा ब्रोकरेज ने?

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने बैंक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 100 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा स्तर से यह करीब 44% संभावित तेजी का संकेत देता है। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का हाई 87 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 52.50 रुपये है।

ब्रोकरेज के अनुसार हरियाणा राज्य सरकार के खातों से जुड़ी एक शाखा में सामने आए हालिया धोखाधड़ी मामले का असर चौथी तिमाही के नतीजों पर पड़ सकता है। इस घटना से बैंक को लगभग 490 से 590 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि, बैंक की पूंजी स्थिति मजबूत है और यह झटका उसकी वित्तीय सेहत पर सीमित प्रभाव डालेगा। बैंक की कोर प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार संभव है। वहीं, नेट इंटरेस्ट मार्जिन में सुधार और क्रेडिट कॉस्ट में गिरावट भविष्य में वैल्यूएशन को सहारा दे सकती है।

बैंक में हुआ है बड़ा फ्रॉड

हाल ही में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वी. वैद्यनाथन ने बताया कि बैंक के कर्मचारियों और बाहरी पक्षों की मिलीभगत के जरिये हरियाणा सरकार के खातों से जुड़ी 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।

आंतरिक जांच समिति का गठन

हेराफेरी की जानकारी मिलने के बाद 11 फरवरी को एक आंतरिक जांच समिति बनायी गयी थी। उसकी रिपोर्ट में घोटाले की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने 23 फरवरी को पंचायत विभाग की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। गिरफ्तार आरोपियों में आईडीएफसी बैंक के प्रबंधक रिभव ऋषि और रिलेशनशिप मैनेजर अभय शामिल हैं, जिन्हें इस घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। इसके अलावा अभय की पत्नी स्वाति सिंगला, जो एक निजी फर्म की मालिक हैं, और उनके भाई अभिषेक को भी गिरफ्तार किया गया है।

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जांच में सामने आया कि करीब 300 करोड़ रुपये 'स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट' नामक खाते में ट्रांसफर किये गये थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार, गबन की राशि आईडीएफसी बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के माध्यम से स्थानांतरित की गई। बताया गया कि वित्त विभाग को जुलाई 2025 में ही अनियमितताओं की आशंका के बारे में आगाह किया गया था लेकिन औपचारिक जांच हाल ही में शुरू हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल ने वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है।

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