बैंक को बेचने पर वित्त मंत्री का बड़ा बयान, ₹72 वाले शेयर ने लगाई 8% की छलांग
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार बैंक की विनिवेश प्रक्रिया को जारी रखेगी। इस खबर के बीच BSE पर बैंक के शेयर दिन के निचले स्तर ₹72.37 से करीब 8% बढ़कर ₹79.98 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए।

IDBI Bank share price: शेयर बाजार में मचे हाहाकार के बीच शुक्रवार (24 अप्रैल) को IDBI बैंक के शेयरों को खरीदने की लूट सी मच गई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यह शेयर इंट्रा-डे में करीब 8 पर्सेंट चढ़ गया। शेयर को लेकर निवेशकों में उत्साह की वजह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक बयान है।
क्या कहा वित्त मंत्री ने?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार बैंक की विनिवेश प्रक्रिया को जारी रखेगी। महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम में बोलते हुए सीतारमण ने कहा कि IDBI बैंक में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया जारी रहेगी, जो नीतिगत निरंतरता का संकेत है। वित्त मंत्री का ये बयान IDBI बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता के बाद सामने आईं।
शेयर का परफॉर्मेंस
BSE पर बैंक के शेयर दिन के निचले स्तर ₹72.37 से करीब 8% बढ़कर ₹79.98 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 118.45 रुपये और 52 हफ्ते का लो 61.05 रुपये है। शेयर के ये दोनों भाव साल 2026 में ही रहे।
क्या है सरकार का प्लान?
IDBI बैंक में सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) मिलकर 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए अक्टूबर, 2022 में रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए गए थे। वहीं छह फरवरी को वित्तीय बोलियां प्राप्त हुईं। इसके बाद सरकार ने रणनीतिक बिक्री के लिए रिजर्व प्राइस तय किया लेकिन प्राप्त वित्तीय बोलियां वित्त मंत्रालय के सचिवों की अध्यक्षता वाले अंतर-मंत्रालयी विनिवेश समूह द्वारा तय रिजर्व प्राइस से कम रहीं। इस कारण बैंक की बिक्री की प्रक्रिया अस्थायी रूप से अटक गई। बता दें कि प्रेम वत्स के नेतृत्व वाली फेयरफैक्स और एमिरेट्स एनबीडी ने आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए बोलियां लगाई हैं।
फिलहाल सरकार और एलआईसी की IDBI बैंक में 94.71 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें सरकार की 45.48 प्रतिशत तथा एलआईसी की 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार की 30.48 प्रतिशत और एलआईसी की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना है।
केंद्र सरकार ने जनवरी 2023 में कहा था कि उसे कई प्रारंभिक बोलियां मिली हैं। इसके बाद इन बोलियों को गृह मंत्रालय (एमएचए) से सुरक्षा मंजूरी और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से फिट एंड प्रॉपर आकलन के लिए भेजा गया। दोनों मंजूरियां मिलने के बाद चयनित बोलीदाताओं ने बैंक की सभी प्रक्रिया पूरी की और सरकार ने जनवरी में वित्तीय बोलियां आमंत्रित कीं। फरवरी में सरकार ने घोषणा की थी कि उसे आईडीबीआई बैंक के लिए वित्तीय बोलियां प्राप्त हुई हैं। इसके बाद मीडिया रिपोर्ट में विनिवेश प्रक्रिया रद्द करने की भी खबरें आईं। वित्त मंत्री के बयान के बाद अब एक बार फिर से इस बैंक के विनिवेश प्रक्रिया के शुरू होने की उम्मीद है।




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