शेयर बाजार में कैसे पहचानें सही कंपनी? मोतीलाल ओसवाल के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने शेयर किए टिप्स
Stock Market Tips: मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के को-फाउंडर और चेयरमैन ने रामदेव अग्रवाल (Ramdeo Agarwal) ने सही कंपनी पहचानने की सलाह निवेशकों के साथ साझा की है। उनका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खूबा देखा जा रहा है।

Stock Market Tips: शेयर बाजार में इस समय भारी उथल पुथल का दौर जारी है। ऐसे समय में एक निवेशक कैसे इन्वेस्टमेंट करे जिससे उन्हें अधिक से अधिक फायदा हो सकते। मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के को-फाउंडर और चेयरमैन ने रामदेव अग्रवाल (Ramdeo Agarwal) ने सही कंपनी पहचानने की सलाह निवेशकों के साथ साझा की है। उनका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खूबा देखा जा रहा है।
सही कंपनी को कैसे पहचानें?
रामदेव अग्रवाल बातचीत में बताते हैं कि किसी नई कंपनी की स्थिति जानने के कई पैरामीटर होते हैं। मान लीजिए कोई कंपनी है, जिसका प्रोडक्ट बहुत अच्छा है। वह मार्केट में शानदार प्रदर्शन भी करती हुई दिखाई दे रही है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले कॉरपोरेट परफॉर्मेंस देखा जाएगा। क्या कंपनी पैसा बना रही है या नहीं? अगर पैसा बना रही तब की स्थिति में रिटर्न इक्विटी कितनी है। रामदेव अग्रवाल कहते हैं कि मुझे ऐसी कंपनियां पसंद नहीं हैं जिनकी रिटर्न इक्विटी 20-25 प्रतिशत तक ना हो। अगर कोई भी कंपनी 20 से 25 प्रतिशत तक रिटर्न इक्विटी जनरेट कर रही है। तब देखा जाएगा कि क्या है स्थिर है या इसमें लगातार इजाफा हो रहा है।
कंपनी पेमेंट किस तरह से ले रही है?
जब एक बार यह पता चल जाए कि कंपनी प्रॉफिट बना रही है। तब की स्थिति में पेमेंट के तरीकों को पहचाना होगा। रामदेव अग्रवाल कहते हैं कि कंपनी क्या प्रीपेड पेमेंट ले रही या फिर प्रोडक्ट के जाने के बाद पेमेंट ले रही है। पेमेंट कितने दिनों में मिल रहा है। 10 दिन, 20 दिन या फिर 30 का दिन समय लग रहा है। रामदेव अग्रवाल बताते हैं कि इससे उन्हें कंपनी के विषय में ठीक से अंदाजा लग जाता है।
अगला चरण कैश फ्लो है। रामदेव कहते हैं कि अब हम कंपनी के ऑपरेटिंग कैश फ्लो और फ्री कैश फ्लो को देखेंगे। एक बार इस तस्वीर के साफ होने के बाद मुझे कंपनी के विषय में दिलचस्पी बढ़ जाती है।
कितने दिनों तक चलेगी कंपनी
रामदेव अग्रवाल बताते हैं कि इन सबको जांचने के बाद अब यह देखना जरूरी है कि इसका मार्केट कितने सालों तक बना रहेगा। यह बहुत हद तक अपने निर्णय पर निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर मैकडॉनल्ड्स को देखते हैं। यह कंपनी बहुत विश्वभर में लोकप्रिय है। अगर ऐसी कंपनी 20 से 25 प्रतिशत तक प्रॉफिट बनाने लगें। तब की स्थिति बहुत शानदार होगी।
इन सबके अलावा सेक्टर में प्रतिद्वंदिता और ग्रोथ की संभावना को नजरअंदाज नहीं करेंगे। हर एक कंपनी के लिए ग्रोथ काफी जरूरी है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)




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