HDFC बैंक के कारोबार पर आया बड़ा अपडेट, शेयर पर सोमवार को रहेगी नजर
बैंक ने मार्च तिमाही के लिए अपने बिजनेस अपडेट में बताया कि बैलेंस शीट में मजबूत बढ़ोतरी जारी रही, भले ही जमा राशि में थोड़ी कमी आई हो। अब सोमवार को बैंक के शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी। बैंक के शेयर की बात करें तो 750 रुपये के स्तर पर है।
मैनेजमेंट में उथल-पुथल के बीच प्राइवेट सेक्टर के एचडीएफसी बैंक ने अपनी चौथी तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी कर दिया है। बैंक ने मार्च तिमाही के लिए अपने बिजनेस अपडेट में बताया कि बैलेंस शीट में मजबूत बढ़ोतरी जारी रही, भले ही जमा राशि में थोड़ी कमी आई हो। अब सोमवार को बैंक के शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी। शेयर को ब्रोकरेज ने भी अपनी राय दी है। आइए डिटेल जान लेते हैं।
शेयर का परफॉर्मेंस
एचडीएफसी बैंक के शेयर की बात करें तो 750 रुपये के स्तर पर है। यह बीते गुरुवार को 726.75 रुपये के निचले स्तर तक गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है। इस शेयर के 52 हफ्ते का हाई 1,020.35 रुपये है। बैंक शेयर के तकनीकी नजरिए पर बात करते हुए Livelong Wealth के हरिप्रसाद ने कहा कि हाल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से पता चलता है कि शेयर ₹740 से ₹750 के आस-पास के अहम सपोर्ट लेवल पर स्थिर होने की कोशिश कर रहा है लेकिन इस रिकवरी का टिक पाना अभी भी अनिश्चित है। अगर यह स्तर टूटता है तो ₹680 तक गिरावट का जोखिम बना हुआ है। वहीं, ऊपर की ओर ₹800–₹820 के स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
बैंक का फाइनेंशियल अपडेट
फाइनेंशियल अपडेट की बात करें तो मार्च 2026 तिमाही में बैंक के औसत एडवांस ₹29,644 बिलियन रहे, जो पिछले साल के ₹26,955 बिलियन से करीब 10% अधिक हैं। पीरियड-एंड एडवांस ₹30,575 बिलियन तक पहुंच गए, जो सालाना आधार पर 10.2% की वृद्धि को दिखाते हैं। ग्रॉस एडवांस में 12 पर्सेंट की तेजी आई और यह ₹29,600 बिलियन रहा। औसत डिपॉजिट में भी 12 पर्सेंट उछाल आया और ₹28,511 बिलियन रहा। CASA डिपॉजिट भी बढ़कर ₹9,184 बिलियन हो गए, जो 10.8% की ग्रोथ को दिखाते हैं।
चर्चा में है बैंक
बीते 18 मार्च 2026 को एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे ने हलचल मचा दी। उन्होंने एथिकल और वैल्यू-बेस्ड कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ा। इस्तीफे के बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में AT-1 बॉन्ड्स की कथित मिस-सेलिंग को लेकर सवाल भी उठाए।
चक्रवर्ती ने कहा कि AT-1 बॉन्ड की गलत बिक्री और देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक के खराब प्रदर्शन के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया था। चक्रवर्ती ने कहा कि प्रबंधन के साथ व्यक्तिगत मतभेद 'बढ़ा-चढ़ाकर' बताए गए हैं और इस महीने की शुरुआत में दिए गए इस्तीफे का कारण यह बिल्कुल भी नहीं था। उन्होंने कहा कि मूल्यों और नैतिकता में 'अंतर' के कारण ही उन्होंने बोर्ड (निदेशक मंडल) से इस्तीफा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक की मौजूदा कमजोरी किसी बड़े स्ट्रक्चरल संकट का संकेत नहीं है बल्कि यह एक ट्रांजिशन फेज का हिस्सा है।




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