Sugar Stocks: शुगर कंपनियों के शेयरों में 4% तक की गिरावट, सरकार के फैसले का असर
Sugar Stocks in news: आज गुरुवार को शुगर कंपनियों के शेयरों में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। सरकार ने चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिसके बाद यह फैसला किया गया है।

Sugar Stocks in news: आज गुरुवार को चीनी बेचने वाली कंपनियों के शेयरों की कीमतों की स्थिति खराब हो गई है। बलरामपुर चीनी मिल्स और धामपुर शुगर मिल्स के शेयरों में आज 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। बता दें, भारत ने चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक प्रतिबंध लगा दिया है। एक सरकारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गयी है।
इन कंपनियों के शेयरों का बुरा हाल (Sugar stocks falls today)
सरकार के प्रतिबंध लगाने के बाद आज बलरामपुर चीनी का शेयर 4.5 प्रतिशत की गिरावट के बाद 525 रुपये के इंट्रा-डे लो लेवल पर आ गया। वहीं, धामपुर के शेयर 4 प्रतिशत तक की गिरावट के बाद 147.55 रुपये के इंट्रा-डे लो लेवल पर आ गया। भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज के शेयर 3 प्रतिशत की गिरावट के बाद 354 रुपये और श्री रेणुका और EID पेरी के शेयरों में 2-2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
आदेश में क्या कुछ कहा गया है? (govt stops sugar exports)
डीजीएफटी ने कहा, “कच्ची चीनी, सफेद चीनी और परिष्कृत चीनी) की निर्यात नीति को 'प्रतिबंधित' श्रेणी से बदलकर 'निषिद्ध' श्रेणी में तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, कर दिया गया है।”
ब्राजील कर रहा है चीनी को एक्सपोर्ट
भारत ने ऐसे समय में यह फैसला लिया है जब दुनिया में सबसे अधिक चीनी का उत्पादन करने वाला देश ब्राजील ने अपनी चीनी मिल्स को 1.59 मिलियन मैट्रिक टन एक्सपोर्ट करने के लिए कह दिया है। देश के अंदर चीनी की खपत से ज्यादा उत्पादन होने के बाद यह फैसला किया गया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में कुल 275 लाख टन चीनी के उत्पादन की उम्मीद है। 50 लाख टन के ओपनिंग स्टॉक को अगर मिला लें तो यह कुल 325 लाख टन तक पहुंच गया। घरेलू स्तर पर भारत की कुल खपत 280 लाख टन है। यानी इसके बाद लगभग 45 लाख टन चीनी बचेगा। जोकि 2016-17 के बाद का सबसे न्यूनतम स्तर है। बता दें, 2016-17 के दौरान चीनी की इंवेंट्री 39य40 लाख टन तक आ गई थी।
सरकार अगले गन्ने के सीजन को लेकर भी चिंतित है। बारिश कम होने की वजह से इसका भी प्रोडक्शन घट सकता है। बता दें, अल-नीनो के प्रभाव की वजह से इस बार मानसून में कम बारिश की उम्मीद की जा रही है।
भाषा के इनपुट के साथ।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)




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