सोने-चांदी के रेट में आज गिरावट, ₹1.60 लाख से नीचे आया Gold, सिल्वर ₹2.73 लाख के करीब
Gold Silver Rate Today 21 May: MCX पर पर सोने के भाव 206 रुपये गिरकर 1,59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। वहीं, चांदी 1,350 रुपये लुढ़ककर 2,72,915 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

Gold Silver Rate Today 21 May: सोने और चांदी के दामों में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने के भाव 206 रुपये गिरकर 1,59,800 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गए। वहीं, चांदी का भाव आज 1,350 रुपये लुढ़ककर 2,72,915 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.2 प्रतिशत गिरकर 4,534.69 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जबकि स्पॉट सिल्वर 0.8 प्रतिशत टूटकर 75.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
क्यों गिरे सोने-चांदी के भाव
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी और दुनियाभर के शेयर बाजारों में उछाल के कारण सोने-चांदी पर दबाव बना। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब भी बना हुआ है। ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका के नए प्रस्ताव की जांच कर रहा है, जिसका उद्देश्य मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को समाप्त करना है।
ट्रंप के बयान का भी असर: सोने-चांदी के भाव पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का भी असर है। उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत एक समझौते और नए हमलों के बीच की कगार पर है। उन्होंने कहा, "अगर हमें सही जवाब नहीं मिले, तो स्थिति बहुत तेजी से बदल सकती है। हम पूरी तरह तैयार हैं।" उनके अनुसार, कूटनीति की खिड़की जल्द बंद हो सकती है।
बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव ने भी बनाया दबाव: हालांकि बुधवार को अमेरिकी 10साल का बॉन्ड यील्ड 9.4 आधार अंक गिरकर 4.576 प्रतिशत पर आ गई थी, लेकिन गुरुवार सुबह इसमें हल्की बढ़त देखी गई और यह 4.584 प्रतिशत पर पहुंच गई। साथ ही, ब्रेंट क्रूड के दाम 0.8 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। ये दोनों फैक्टर्स भी सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव डालने में कामयाब रहे।
फेडरल रिजर्व के संकेत और गोल्ड ईटीएफ में गिरावट: अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की अप्रैल बैठक के मिनट्स के अनुसार, अधिकांश नीति निर्माताओं का मानना है कि यदि मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी रहती है, तो नीति में और सख्ती की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा, दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड ईटीएफ, SPDR गोल्ड ट्रस्ट की होल्डिंग्स में मामूली कमी आई है।
क्या खरीदारी का सही है मौका
एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, सोने की कीमतें अमेरिका-ईरान के घटनाक्रम पर निर्भर करती रहेंगी। साथ ही, रुपये में लगातार कमजोरी से घरेलू बाजार में सोने को सपोर्ट मिल रहा है, भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहे।
उनका कहना है कि जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता और कच्चे तेल की चाल बुलियन की धारणा को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक बने हुए हैं। निकट अवधि में सोने के दाम 1,57,250 रुपये से 1,59,500 रुपये के दायरे में रहने की उम्मीद है।




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