Gold Silver Live: सोने-चांदी की कीमतों में 4 दिनों से चल रही तेजी पर ब्रेक, आखिर क्या है वजह
Gold Silver Live 24 Feb: एमसीएक्स पर अप्रैल गोल्ड वायदा 0.50% से अधिक गिरकर ₹1,60,750 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर अप्रैल वायदा 0.20% फिसलकर ₹2,64,972 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।

9:22 AM Gold Silver Live 24 Feb: घरेलू वायदा बाजार में सोने की दरों में गिरावट देखी गई। पिछले सत्र में जोरदार बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। एमसीएक्स पर अप्रैल गोल्ड वायदा 0.50% से अधिक गिरकर ₹1,60,750 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर अप्रैल वायदा 0.20% फिसलकर ₹2,64,972 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। पिछले सत्र में एमसीएक्स गोल्ड अप्रैल वायदा 3% उछलकर ₹1,61,598 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि एमसीएक्स सिल्वर मार्च वायदा 5% की छलांग लगाकर ₹2,65,333 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था।
8:28 AM Gold Silver Live 24 Feb: सोने और चांदी की कीमतों में चार दिनों से चल रही तेजी पर मंगलवार, 24 फरवरी को ब्रेक लग गया। अमेरिकी व्यापार नीति को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिससे कीमतों पर दबाव बना। एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड में मामूली गिरावट दर्ज की गई। यह 0.71% की कमी के साथ 5,187 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर में 0.32% की गिरावट आई और यह 86.36 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
आखिर क्यों आई सोने-चांदी के भाव में गिरावट?
बाजार में अनिश्चितता का माहौल है, जिसकी एक बड़ी वजह डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद वे टैरिफ को बढ़ाकर 15% कर देंगे। यह फैसला उनके प्रस्तावित पारस्परिक टैरिफ उपायों के खिलाफ आया है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर भी नजर
निवेशक मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर भी नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका और ईरान परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने की तैयारी में हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि पेंटागन को लंबे सैन्य अभियान की चुनौतियों को लेकर चिंता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे कूटनीतिक समझौते को प्राथमिकता देंगे।
आंकड़ों ने चिंता बढ़ाई
वहीं, पिछले शुक्रवार को जारी हुए आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। इनके मुताबिक, दिसंबर में अमेरिका में अंतर्निहित मुद्रास्फीति उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। जनवरी में भी इसमें और तेजी के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं। इस वजह से फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करने से बच सकता है। ब्याज दरों का बढ़ना या स्थिर रहना सोने जैसी नॉन-यील्ड वाली संपत्तियों को निवेश के लिहाज से कम आकर्षक बना देता है।
क्या है एक्सपर्ट्स की राय और आगे का अनुमान?
ब्लूमबर्ग ने लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के हवाले से बताया कि सोना-चांदी करेंसी में उतार-चढ़ाव और नीतिगत उम्मीदों जैसे वैश्विक संकेतों के प्रति संवेदनशील बने रहेंगे। उनका कहना है कि फरवरी की शुरुआत में आई तेज उछाल के बावजूद, अभी कीमतों में जो हलचल दिख रही है, वह ट्रेंड में कोई बुनियादी बदलाव नहीं, बल्कि बड़ी आर्थिक खबरों पर निवेशकों की प्रतिक्रिया है। उन्होंने ट्रेडर्स को सलाह दी है कि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, इसलिए जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि सोने की कीमतों का तकनीकी नजरिया अभी भी मजबूत है। हालांकि हाल में कुछ गिरावट आई है, लेकिन इसे मुनाफावसूली और कीमतों के सामान्य समायोजन के तौर पर देखा जा रहा है। कीमतें अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बनी हुई हैं, जो मजबूती का संकेत है। 4,650-4,800 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी देखी जा रही है। अगर यह जारी रहती है और कीमतें 5,200-5,300 डॉलर के स्तर को पार कर जाती हैं, तो नई तेजी आ सकती है और रिकॉर्ड ऊंचाई को छूना संभव होगा।
चांदी को लेकर क्या करें
चांदी के बारे में बात करते हुए पोनमुडी ने बताया कि बड़ी टाइमफ्रेम पर इसकी संरचना मजबूत बनी हुई है। कीमतें प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर चली गई हैं, जो पिछले सुधार चरण से निकलकर नए सिरे से तेजी वाले ढांचे की ओर इशारा करता है। 70-75 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी देखी जा रही है। अगर कीमतें 92-96 डॉलर के स्तर को पार करके बंद होती हैं, तो यह 100-105 डॉलर और पुराने रिकॉर्ड हाई को छूने की राह खोल सकती हैं। मिड से लॉन्ग टर्म नजरिया सकारात्मक बना हुआ है, जिसे मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड एंड सप्लाई कमी का सपोर्ट मिल रहा है।




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