₹19000 सस्ता हुआ है सोना, अभी और गिरेगा भाव? जानिए वजह
Gold Price: विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल घरेलू बाजार में सोना ₹1,37,000 से ₹1,65,000 प्रति 10 ग्राम के बड़े दायरे में कारोबार कर सकता है। अगर कीमतें ₹1,65,000 के ऊपर टिककर बंद होती हैं तो फिर एक नई तेजी देखने को मिल सकती है।

Gold Price Today: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोने की कीमतों में पिछले हफ्ते हल्की मजबूती जरूर दिखी, लेकिन बड़ी तेजी नहीं आ सकी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना हफ्ते के आखिर में करीब ₹1,61,675 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह कीमत अभी भी अपने लाइफटाइम हाई ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम से लगभग ₹19,000 कम है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर गोल्ड करीब $5,158 प्रति ट्रॉय औंस पर बंद हुआ, जो अपने रिकॉर्ड हाई $5,626.80 से नीचे है। बाजार के जानकारों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने में अभी सीमित दायरे में ही कारोबार हो रहा है।
क्या कहते हैं एनालिस्ट
विशेषज्ञों के मुताबिक सोने की कीमतों को इस समय सबसे बड़ा दबाव मजबूत हो रहे अमेरिकी डॉलर से मिल रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से डॉलर इंडेक्स फिर से 100 के करीब पहुंच रहा है, जिससे गोल्ड की तेजी पर ब्रेक लग रहा है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की कीमतों में बड़ी तेजी आना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि अमेरिका-ईरान युद्ध जैसी बड़ी खबर के बावजूद सोना बहुत तेजी से नहीं उछल पाया।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) वाली मांग बनी रह सकती है। उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और दुनिया भर में बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशक अभी भी गोल्ड को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ईरान के बाद क्यूबा जैसे देशों पर भी सख्त रुख अपना सकता है, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव बना रह सकता है। ऐसे हालात में निवेशक अक्सर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित एसेट की तरफ रुख करते हैं।
ये भी हैं वजह
एक और वजह यह भी है कि महंगाई का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। तेल महंगा होने से दुनिया भर में फिर से महंगाई बढ़ने की आशंका है। इसी कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जल्दी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भी कमजोर पड़ गई है। अब बाजार को उम्मीद है कि अगली संभावित रेट कट सितंबर या अक्टूबर के आसपास हो सकती है। जब तक ब्याज दरें ऊंची रहती हैं और डॉलर मजबूत रहता है, तब तक सोने की कीमतों में तेज उछाल सीमित रह सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल घरेलू बाजार में सोना ₹1,37,000 से ₹1,65,000 प्रति 10 ग्राम के बड़े दायरे में कारोबार कर सकता है। अगर कीमतें ₹1,65,000 के ऊपर टिककर बंद होती हैं तो फिर एक नई तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगर गोल्ड $5,200 के ऊपर मजबूती से निकलता है तो कीमतें $5,400 से $5,600 तक जा सकती हैं।
निवेश के नजरिए से जानकारों की सलाह है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोने में गिरावट के समय खरीदारी का मौका बन सकता है। केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग आने वाले समय में सोने को सपोर्ट दे सकती है। इसलिए अगर कीमतों में थोड़ी गिरावट आती है तो इसे धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।




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