Flipkart IPO likely to be delayed as walmart owned online retailer to prioritise profitability detail is here फ्लिपकार्ट IPO की लॉन्चिंग में होगी देरी, वॉलमार्ट ने कंपनी को दिया नया टास्क, Business Hindi News - Hindustan
More

फ्लिपकार्ट IPO की लॉन्चिंग में होगी देरी, वॉलमार्ट ने कंपनी को दिया नया टास्क

अमेरिका की रिटेल दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से अपने IPO प्लान को कुछ समय के लिए रोकने और इसके बजाय FY27 के आखिर तक एबिटा ब्रेक-इवन हासिल करने पर ध्यान देने को कहा है।

Fri, 15 May 2026 06:41 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
फ्लिपकार्ट IPO की लॉन्चिंग में होगी देरी, वॉलमार्ट ने कंपनी को दिया नया टास्क

Flipkart IPO news: अगर आप ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए बुरी खबर है। दरअसल, अमेरिका की रिटेल दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से अपने IPO प्लान को कुछ समय के लिए रोकने और इसके बजाय FY27 के आखिर तक एबिटा ब्रेक-इवन हासिल करने पर ध्यान देने को कहा है। एबिटा ब्रेक-इवन से मतलब है कि कोई कंपनी या व्यवसाय अपने संचालन से इतना राजस्व कमा रही है कि वह अपने ऑपरेशनल खर्चों को पूरा कर पा रही है लेकिन कोई नेट प्रॉफिट नहीं कमा रही है।

वालमार्ट का है फैसला

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यह फैसला वॉलमार्ट के सीईओ और प्रेसिडेंट जॉन फर्नर के हाल ही में बेंगलुरु दौरे के दौरान लिया गया। बता दें कि जॉन फर्नर ने फरवरी में पद संभालने के बाद भारत की पहली यात्रा की थी। अपनी यात्रा के दौरान जॉन फर्नर ने कथित तौर पर फ्लिपकार्ट के सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की ताकि कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ और मुनाफे की रणनीति का आकलन किया जा सके। जानकारी के मुताबिक फ्लिपकार्ट ने इस वित्त वर्ष के भीतर एबिटा ब्रेकइवन तक पहुंचने का एक आंतरिक लक्ष्य तय किया है। ऐसे में IPO के जरिए फंड जुटाने की योजना को टाल दिया गया है। यह योजना तब तक के लिए टाला गया है जब तक कि कंपनी मुनाफे के अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर लेती।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दो दिन में ₹33000 घट गए चांदी के दाम, क्या है गिरावट की वजह?

फोनपे के आईपीओ में भी देरी

यह वॉलमार्ट की दूसरी ऐसी कंपनी है जो भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट की योजना में देरी कर रही है। इससे पहले PhonePe की लिस्टिंग भी टल गई थी। फोनपे में अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है। वॉलमार्ट के पास फ्लिपकार्ट में अभी 80% से अधिक और फोनपे में लगभग 71.8% हिस्सेदारी है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बेसिक सैलरी में डीए मर्ज… 8वें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा?
ये भी पढ़ें:जेट फ्यूल पर घटा टैक्स, एयरलाइन कंपनियों को मिलेगी राहत

Moneycontrol की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वॉलमार्ट पर भारत में अपने निवेश से पब्लिक ऑफरिंग के जरिए तुरंत रिटर्न कमाने का कोई दबाव नहीं है। कंपनी बाजार में जल्दबाजी में उतरने की योजनाओं के बजाय, लंबे समय तक टिकने वाले वित्तीय नतीजे हासिल करने पर ध्यान दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2025 में फ्लिपकार्ट बोर्ड ने ग्रुप CEO कल्याण कृष्णमूर्ति को निर्देश दिया था कि वे संभावित IPO की तैयारी के लिए कंपनी के मासिक कैश खर्च को लगभग $40 मिलियन से घटाकर लगभग $20 मिलियन तक ले आएं। मतलब ये हुआ कि कंपनी पहले अपने वित्तीय सेहत का ध्यान देगी, इसके बाद ही आईपीओ प्लान पर विचार किया जाएगा।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,