Fino Payments Bank share tanks 19 percent stock hits record low what in market gain do you own CEO की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी से जांच की सिफारिश… भरभराया यह चर्चित शेयर, Business Hindi News - Hindustan
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CEO की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी से जांच की सिफारिश… भरभराया यह चर्चित शेयर

Fino Payments Bank share: पिछले दो कारोबारी दिनों में, इस वित्तीय कंपनी के शेयर की कीमत 25 प्रतिशत गिर गई है। वहीं, पिछले सात कारोबारी दिनों में फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयर का बाजार मूल्य 33 प्रतिशत गिर गया है।

Tue, 24 March 2026 02:21 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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CEO की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी से जांच की सिफारिश… भरभराया यह चर्चित शेयर

Fino Payments Bank share: सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार गुलजार रहा। मंगलवार को आई इस तेजी के बीच कुछ शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयर मंगलवार को भारी वॉल्यूम के बीच बीएसई पर 19 प्रतिशत गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर ₹113.55 पर पहुंच गए। यह शेयर का ऑल टाइम लो भी है। पिछले दो कारोबारी दिनों में, इस वित्तीय कंपनी के शेयर की कीमत 25 प्रतिशत गिर गई है। वहीं, पिछले सात कारोबारी दिनों में फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयर का बाजार मूल्य 33 प्रतिशत गिर गया है।

क्या है मामला?

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) मनी लॉन्ड्रिंग के संदिग्ध मामलों को लेकर बैंक से जुड़े कुछ ऑनलाइन गेमिंग लेनदेन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की सिफारिश कर सकता है। हालांकि, बैंक ने सट्टेबाजी या जुए की गतिविधियों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। बैंक ने आगे स्पष्ट किया कि डीजीजीआई द्वारा की जा रही जांच फिनो सहित कई बैंकों से जुड़े कुछ प्रोग्राम मैनेजरों और व्यापारियों से संबंधित है, और इसका बैंक के जीएसटी अनुपालन से कोई संबंध नहीं है। फिनो ने यह भी कहा कि मीडिया में आई वे खबरें जिनमें दावा किया गया था कि अदालत ने इस मामले में जमानत याचिका खारिज कर दी है, पूरी तरह गलत हैं। बैंक वर्तमान में इस मामले में हैदराबाद स्थित जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) के अलावा किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा किसी भी जांच के दायरे में नहीं है।

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एमडी की गिरफ्तारी

बता दें कि 27 फरवरी को जीएसटी अधिकारियों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित कानून का उल्लंघन करने के आरोप में बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ऋषि गुप्ता को गिरफ्तार किया है। फिनो पेमेंट्स बैंक के सीईओ को सीजीएसटी (केंद्रीय माल एवं सेवा कर) और एसजीएसटी (राज्य माल एवं सेवा कर) अधिनियम, 2017 की धारा 132(1)(ए) और 132(1)(आई) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।

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बैंक की सफाई

गिरफ्तारी पर बैंक ने पल्ला झाड़ लिया था। बीते दिनों फिनो पेमेंट्स बैंक ने कहा- बैंक और उसके अधिकारियों का संबंधित प्रोग्राम मैनेजरों के कथित कारोबार या गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है। बैंक ने कहा- व्यापारियों को साथ जोड़ने की प्रक्रिया नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुरूप है और इसे संबंधित कारोबारी टीमों द्वारा किया जाता है, न कि एमडी एवं सीईओ द्वारा। ऑनबोर्डिंग की एक शर्त यह भी है कि उस व्यापारी का किसी अन्य बैंक के साथ पहले से बैंकिंग संबंध हो, ताकि यूपीआई लेनदेन सुगम हो सके। बैंक ने यह भी कहा कि उसने कोई फर्जी चालान जारी नहीं किया है और सेवाओं के उपयोग के आधार पर सभी चालान जारी किए गए हैं। साथ ही, वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) के उपयोग की निगरानी के लिए मजबूत जोखिम प्रबंधन ढांचा भी मौजूद है।

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बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फिनो पेमेंट्स को लुघ वित्त बैंक में बदलने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 18 महीने की समयसीमा दी है। प्रबंधन ने कहा कि वह निर्धारित अवधि से पहले यह प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद करता है।

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