earthquake in oil market crude oil crosses 100 dollar despite IEA opening reserves ऑयल मार्केट में भूचाल: IEA के भंडार खोलने के बावजूद कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, Business Hindi News - Hindustan
More

ऑयल मार्केट में भूचाल: IEA के भंडार खोलने के बावजूद कच्चा तेल 100 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने रविवार को ऐलान किया कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए तेल संकट से निपटने के लिए स्ट्रेटजिक ऑयल रिजर्व को तुरंत जारी किया जाएगा। इस ऐलान के बावजूद आज ब्रेंट क्रूड 102.68 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 97.59 डॉलर प्रति बैरल पर था।

Mon, 16 March 2026 06:54 AMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
share
ऑयल मार्केट में भूचाल: IEA के भंडार खोलने के बावजूद कच्चा तेल 100 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने रविवार को ऐलान किया कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए तेल संकट से निपटने के लिए स्ट्रेटजिक ऑयल रिजर्व को तुरंत जारी किया जाएगा। इस योजना के तहत एशिया और ओशिनिया क्षेत्र के देशों को सबसे पहले राहत मिलेगी, जबकि अमेरिका और यूरोप के सदस्य देशों की सप्लाई मार्च के अंत से शुरू होगी। हालांकि, इस ऐलान के बावजूद आज ब्लूमबर्ग पर ब्रेंट क्रूड 102.68 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 97.59 डॉलर प्रति बैरल पर था।

कहां से कब मिलेगा तेल?

IEA के अनुसार, सरकारी नियंत्रण वाले कुल 271.7 मिलियन बैरल तेल भंडार को दुनिया भर में इस आपातकालीन कार्रवाई के तहत जारी किया जाएगा। एशिया-ओशिनिया क्षेत्र में तेल की सप्लाई का दबाव सबसे ज्यादा गंभीर हो गया है, इसलिए वहां सबसे पहले राहत पहुंचाई जा रही है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र के IEA सदस्य देशों का तेल तुरंत उपलब्ध हो जाएगा, जबकि अमेरिका और यूरोप में मौजूद भंडार मार्च के अंत से जारी किए जाएंगे। यह घोषणा इस सप्ताह की शुरुआत में स्ट्रेटजिक रिजर्व को खोलने के निर्णय के बाद आई है, जो अब तक की सबसे बड़ी समन्वित अंतरराष्ट्रीय पहल है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सोना, शेयर, म्यूचुअल फंड समेत हर मोर्चे पर झटका देगा तेल, क्या है आगे की राह?

तेल बाजार का सबसे बड़ा झटका

IEA सदस्य देशों ने बुधवार को युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों के जवाब में तेल भंडार को कम करने पर सहमति जताई थी। यह अपनी तरह का अब तक का सबसे बड़ा समन्वित हस्तक्षेप है। एजेंसी ने इस व्यवधान को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी सप्लाई में व्यवधान पैदा कर रहा है। यह आपातकालीन भंडार जारी करने का IEA के इतिहास में छठा मौका है और 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद पहला अवसर है, जिसे एजेंसी ने एक "महत्वपूर्ण और स्वागत योग्य बफर" बताया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:Gen Z की जेब में होगा ₹120 लाख करोड़ का दम, 2030 तक बदल जाएगा भारत का बाजार

कीमतों पर असर क्यों नहीं?

इस ऐतिहासिक हस्तक्षेप के बावजूद, तेल की कीमतों में कोई खास कमी नहीं आई है। अभी भी कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर हुआ है, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है और युद्ध से पहले के 70 डॉलर से काफी ऊपर है। यह स्थिति बाजार की इस चिंता को दर्शाती है कि ऐतिहासिक भंडार जारी करना भी फारस की खाड़ी में शिपिंग मार्गों में व्यवधान के कारण हुई सप्लाई की कमी की भरपाई पूरी तरह से नहीं कर सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट असली चुनौती

IEA ने स्पष्ट किया है कि असली समाधान केवल भंडार जारी करना नहीं है, बल्कि होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से सामान्य टैंकर यातायात की बहाली है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के बाद से ईरान ने इस रणनीतिक स्ट्रेट को प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा प्रणाली के सबसे महत्वपूर्ण चोकप्वाइंट में से एक है और आमतौर पर दुनिया के कुल तेल शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा यहीं से गुजरता है।

एसएंडपी की चेतावनी: सीमित राहत के आसार

एसएंडपी ग्लोबल एनर्जी ने आगाह किया है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद रहा तो IEA की 400 मिलियन बैरल इमरजेंसी ऑयल रिजर्व जारी करने की व्यापक योजना केवल सीमित राहत ही प्रदान कर सकती है। एसएंडपी का कहना है कि यह रिलीज मौजूदा असंतुलन को दूर करने में मदद करेगी, लेकिन इस बात को लेकर अनिश्चितता है कि क्या यह तेल उन क्षेत्रों तक पहुंचेगा, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, खासकर एशियाई बाजारों तक, जहां भंडार तेजी से घट रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सोना-चांदी के भाव क्यों गिर रहे हैं? क्या गलत साबित हो रहे एक्सपर्ट्स के अनुमान

एसएंडपी ग्लोबल एनर्जी में क्रूड ऑयल रिसर्च के उपाध्यक्ष जिम बर्कहार्ड के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से निर्यात नहीं किया जा सकने वाला तेल बहुत अधिक है और एशिया में पर्याप्त तेल नहीं है, जहां भंडार खत्म हो रहा है। बाजार गंभीर रूप से असंतुलित है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक स्ट्रेट फिर से नहीं खुल जाता और अपस्ट्रीम-डाउनस्ट्रीम संचालन सामान्य नहीं हो जाता, जो जल्दी नहीं होगा। 400 मिलियन बैरल जारी करने की योजना को अकेले मार्च में वैश्विक सप्लाई में लगभग 430 मिलियन बैरल की कमी की भरपाई करने में महीनों लग सकते हैं।

वैश्विक भंडार जुटाने की मुहर तेज

पेरिस स्थित IEA ने पहले सदस्यों के रणनीतिक भंडार से 400 मिलियन बैरल उपलब्ध कराने पर सहमति जताई थी, जो 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद जारी किए गए 182.7 मिलियन बैरल से कहीं अधिक है। IEA के सदस्य देशों के पास वर्तमान में 1.2 बिलियन बैरल से अधिक सार्वजनिक इमरजेंसी ऑयल रिजर्व है, साथ ही सरकारी दायित्व के तहत रखे गए 600 मिलियन बैरल उद्योग भंडार भी हैं।

जर्मनी और ऑस्ट्रिया जैसे देश पहले ही अपने रणनीतिक भंडार जारी करने की पुष्टि कर चुके हैं, जबकि जापान ने कहा है कि वह सोमवार से भंडार कम करना शुरू कर देगा। IEA का ताजा अपडेट संकेत देता है कि इमरजेंसी रिलीज अब घोषणा से कार्यान्वयन की ओर बढ़ रही है, लेकिन तेल अभी भी 100 डॉलर के पार होने और टैंकर यातायात बाधित होने से बाजार का मानना है कि अकेले भंडार के बैरल वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को जल्दी स्थिर करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते हैं।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,