मई में भी 2% डीए बढ़ाने का हुआ ऐलान, इन सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी
केंद्र के बाद राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ते पर तोहफा देने लगी हैं। इसी कड़ी में अरुणाचल प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनधारकों के लिए महंगाई राहत (डीआर) में दो प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है।

बीते अप्रैल महीने में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 2 पर्सेंट की बढ़ोतरी की थी। इस बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का भत्ता 60 पर्सेंट हो गया है। इस ऐलान के बाद अब राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफा का रही हैं। इसी कड़ी में अरुणाचल प्रदेश सरकार ने अब सेवारत कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनधारकों के लिए महंगाई राहत (डीआर) में दो प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है।
6 मई को राज्य सरकार का ऐलान
बीते 6 मई को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान में कहा गया है कि डीए और डीआर में वृद्धि एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। बता दें कि कर्मचारियों के भत्ते में 2 पर्सेंट की बढ़ोतरी से यह दर मूल वेतन/पेंशन के 60 प्रतिशत हो गई है। सरकारी बयान में कहा गया है कि मई 2026 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और महंगाई राहत, मासिक वेतन और पेंशन के साथ दिया जाएगा। सरकारी बयान में कहा गया है कि इससे राज्य भर में 69,248 नियमित कर्मचारी और 40,477 पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। इस वृद्धि के कारण वार्षिक वित्तीय बोझ लगभग 100.54 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। वहीं, जनवरी से अप्रैल तक की अवधि का बकाया नकद में दिया जाएगा। बकाया पर कुल वित्तीय बोझ लगभग 33.51 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता अरुणाचल प्रदेश सरकार के अधीन कार्यरत अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, राज्य सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत केंद्र सरकार के कर्मचारियों और राज्य सरकार के सभी नियमित कर्मचारियों पर लागू होगी।
राजस्थान सरकार ने भी की है बढ़ोतरी
बीते अप्रैल महीने में राजस्थान सरकार ने राज्य कर्मियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी थी। इस निर्णय से 12 लाख से अधिक कर्मियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत अब 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है और यह निर्णय एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। लगभग 7.02 लाख राज्य कर्मचारी और 5.44 लाख पेंशनभोगी इस निर्णय से लाभान्वित होंगे। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 1,156 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय बोझ पड़ेगा।
अप्रैल में ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दो प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया था। इससे केंद्र सरकार के लगभग 50.46 लाख कर्मचारियों और 68.27 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा। इस कारण सरकारी खजाने पर कुल 6,791.24 करोड़ रुपये सालाना का बोझ पड़ेगा। मूल वेतन या पेंशन की मौजूदा 58 प्रतिशत की दर पर दो प्रतिशत की यह वृद्धि, महंगाई की भरपाई के लिए है।




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