LPG का सकंट हुआ खत्म? सरकार ने 20% सप्लाई बढ़ाई, रेस्त्रां और होटल को मिलेगी अधिक गैस
LPG Crisis: सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कॉमर्शियल LPG का अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन मंजूर किया है, जिससे कुल आवंटन 50 प्रतिशत हो गया है।

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से देश में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है। जिसकी वजह से रेस्त्रां से लेकर होटल तक कॉमर्शियल गैस की समस्या का सामना करना पड़ा है। एक अच्छी खबर आई है। शनिवार को केंद्र सरकार ने राज्यों का एलपीजी आंवटन 20 प्रतिशत और बढ़ा दिया है। जिसके बाद सेंटर-टू-स्टेट कॉमर्शियल एलपीजी सप्लाई 50 प्रतिशत हो गई है। जोकि संकट के पहले की स्थिति में पहुंच गया है।
प्राथमिकता में कौन
यह अतिरिक्त सप्लाई रेस्त्रां, धाबा, होटल और अन्य कॉमर्शियल के साथ इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए है। यह अतिरिक्त सप्लाई 23 मार्च 2026 से आगे के नोटिस तक प्रभावी रहेगी। बता दें, भारत सरकार की तरफ से पेट्रोलियम और नेचुरल गैस के सचिव नीरज मित्तल ने इसकी जानकारी सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दे दी है। सचिव द्वारा राज्यों को लिखे गए पत्र के अनुसार, यह अतिरिक्त एलपीजी आवंटन उन कॉमर्शियल संस्थानों को मिलेगा जिन्होंने तेल कंपनियों के साथ पंजीकरण कराया हो और पाइप के जरिए आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) कनेक्शन के लिए आवेदन किया हो। सरकारी बयान में कहा गया कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति स्थिर बनी हुई है, वितरकों के पास किसी प्रकार की कमी नहीं है और वितरण कार्य सामान्य रूप से जारी हैं।
कम हुई है बुकिंग करने वालों की संख्या
घबराहट में किए जाने वाले एलपीजी बुकिंग अब कम हो गई है, और नागरिकों को भीड़ इकट्ठा करने से बचने और होम डिलीवरी पर निर्भर रहने की सलाह दी गई है। सप्लाई संबंधी दबाव को कम करने के लिए, सरकार पीएनजी की आपूर्ति को बढ़ावा दे रही है, विशेष रूप से कॉमर्शियल प्रतिष्ठानों के लिए, और राज्यों से शहरी गैस वितरण नेटवर्क के लिए अप्रूवल प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है।
एलपीजी का उत्पादन बढ़ाया गया
सरकार ने अतिरिक्त उपायों के तहत घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया है, बुकिंग अंतराल बढ़ाए हैं और राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन आपूर्ति आवंटित की है ताकि वैकल्पिक ईंधन विकल्प उपलब्ध हो सकें। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक देशभर में 3,500 से अधिक छापेमारी की गई, जिससे लगभग 1,400 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए।




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