Air India reports 26700 cr rs loss biggest since tata group takeover amid cost pressures route cuts detail here एयर इंडिया को ₹26700 करोड़ का घाटा, टाटा ग्रुप में वापसी के बाद सबसे बड़ा झटका, Business Hindi News - Hindustan
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एयर इंडिया को ₹26700 करोड़ का घाटा, टाटा ग्रुप में वापसी के बाद सबसे बड़ा झटका

एयरलाइन ने टाटा ग्रुप में वापसी के बाद से अपना सबसे बड़ा सालाना घाटा दर्ज किया है। आंकड़े बताते हैं कि एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में 3.56 अरब सिंगापुर डॉलर (26,700 करोड़ रुपये से अधिक) का घाटा हुआ है।

Thu, 14 May 2026 11:37 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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एयर इंडिया को ₹26700 करोड़ का घाटा, टाटा ग्रुप में वापसी के बाद सबसे बड़ा झटका

एयर इंडिया एयरलाइन ने टाटा ग्रुप में वापसी के बाद से अपना सबसे बड़ा सालाना घाटा दर्ज किया है। ईंधन की बढ़ती कीमतें, हवाई क्षेत्र पर पाबंदियां और सप्लाई चेन में रुकावट का असर एयरलाइन की वित्तीय सेहत पर पड़ी है। आंकड़े बताते हैं कि एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में 3.56 अरब सिंगापुर डॉलर (26,700 करोड़ रुपये से अधिक) का घाटा हुआ है। इसी अवधि में एयर इंडिया की कुल आय 10.53 अरब सिंगापुर डॉलर (79,150 करोड़ रुपये से अधिक) रही। बता दें कि टाटा ग्रुप ने एयरलाइन का अधिग्रहण साल 2022 में किया था।

100 से अधिक साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें घट गईं

एयर इंडिया ने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और विमान ईंधन की ऊंची कीमतों के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती तथा सात मार्गों पर सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने की बुधवार को घोषणा की। इस दौरान एयरलाइन करीब 100 विदेशी उड़ानों में कमी करेगी। एयर इंडिया ने कहा कि इन कदमों से उसकी अंतरराष्ट्रीय क्षमता में करीब 27 प्रतिशत की कमी आएगी। कंपनी पहले ही कुछ मार्गों पर उड़ानें घटा चुकी है।

एयर इंडिया पर अभी और दिखेगा असर?

हाल ही में एयर इंडिया ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में जारी हवाई क्षेत्र प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए विमान ईंधन की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों सहित कई कारकों का प्रभाव कुछ नियोजित सेवाओं की व्यावसायिक व्यवहार्यता को काफी प्रभावित कर रहा है। जानकारी के मुताबिक पुनर्गठन योजना के तहत एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय क्षमता या विभिन्न मार्गों पर उपलब्ध सीट में लगभग 27 प्रतिशत की कमी होगी। एयरलाइन ने बताया कि अगले तीन महीनों में 100 से अधिक साप्ताहिक या 400 से अधिक मासिक अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में कटौती की जाएगी।

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एयरलाइन कंपनी दिल्ली-शिकॉगो, मुंबई-न्यूयॉर्क, दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर, मुंबई-ढाका और दिल्ली-माले मार्गों पर अगस्त तक सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रखेगी। एयरलाइन के अनुसार, उत्तरी अमेरिका मार्गों पर कम से कम 10 साप्ताहिक उड़ानों में कटौती की जाएगी, जबकि दिल्ली-शिकॉगो सेवा पहले से ही अस्थायी रूप से बंद रहेगी। यूरोप में 12 साप्ताहिक उड़ानें और ऑस्ट्रेलिया क्षेत्र में छह साप्ताहिक उड़ानों में कमी होगी। सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और सार्क क्षेत्र में कुल मिलाकर 68 साप्ताहिक उड़ानों तक की कटौती की जाएगी।

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बता दें कि एयरलाइन हर महीने 1,200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन जारी रखेगी। इनमें उत्तरी अमेरिका के लिए प्रति सप्ताह 33 उड़ानें, यूरोप के लिए 47 उड़ानें, ब्रिटेन के लिए 57 उड़ानें, ऑस्ट्रेलिया के लिए आठ उड़ानें, सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया एवं सार्क क्षेत्र के लिए 158 उड़ानें तथा मॉरीशस (अफ्रीका) के लिए प्रति सप्ताह सात उड़ानें शामिल हैं। दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को, टोरंटो, वैंकूवर, पेरिस, कोपनहेगन, मिलान, वियना, और रोम जैसे मार्गों पर भी उड़ानों में कटौती की जाएगी। मुंबई से सिंगापुर, बैंकॉक और कोलंबो की उड़ानों में कमी की जाएगी, जबकि मुंबई-न्यूयॉर्क सेवा बढ़ाई जाएगी।

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