एयर इंडिया के सीईओ ने दिया इस्तीफा, कई चुनौतियों से जूझ रही एयरलाइंस
कैंपबेल विल्सन ने एयर इंडिया के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वे तब तक कंपनी के साथ बने रहेंगे, जब तक नए सीईओ की नियुक्ति नहीं हो जाती। विल्सन का इस्तीफा पिछले हफ्ते हुई बोर्ड मीटिंग में मंजूर कर लिया गया।
कैंपबेल विल्सन ने एयर इंडिया के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वे तब तक कंपनी के साथ बने रहेंगे जब तक नए सीईओ की नियुक्ति नहीं हो जाती। हिन्दुस्तान टाइम्स ने यह खबर इस मामले की जानकारी रखने वाले चार लोगों के हवाले से दी है। यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब एयर इंडिया कई चुनौतियों से जूझ रही है, जैसे ऑपरेशन में दिक्कतें, बढ़ता खर्च और इस साल रिकॉर्ड नुकसान की आशंका।
बोर्ड मीटिंग में मंजूर हुआ इस्तीफा
एचटी के सूत्रों के मुताबिक, विल्सन का इस्तीफा पिछले हफ्ते हुई बोर्ड मीटिंग में मंजूर कर लिया गया। मामले की जानकारी रखने वाले चार में से एक व्यक्ति ने बताया कि कैंपबेल नए CEO के आने तक, यानी संभवतः सितंबर तक, कंपनी में बने रहेंगे। उनका पांच साल का कार्यकाल अगले साल सितंबर में खत्म होना था, लेकिन वे एक साल पहले ही पद छोड़ रहे हैं। इस मामले पर एयर इंडिया ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
जनवरी से ही शुरू हो गई थी नए CEO की तलाश
एचटी की खबर के मुताबिक नए CEO की तलाश जनवरी से ही शुरू हो गई थी, क्योंकि विल्सन ने अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद आगे काम न करने की इच्छा जताई थी। विल्सन सितंबर 2022 में एयर इंडिया से जुड़े थे, जब कंपनी का प्राइवेटाइजेशन हो चुका था।
फिलहाल एयर इंडिया कई सीईओ के लिए कई उम्मीदवारों से बातचीत कर रही है और इस संबंध में अगले हफ्ते एक अहम बैठक होने वाली है। हालांकि, संभावित उम्मीदवारों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
चुनौतियों के बीच बदलाव
एयर इंडिया इस समय कई समस्याओं से जूझ रही है। पश्चिम एशिया संकट के कारण एयरस्पेस पर प्रतिबंध लगने से फ्लाइट्स को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है, जिससे ईंधन खर्च काफी बढ़ गया है। इसके अलावा विमान की कमी और बढ़ती लागत भी कंपनी पर दबाव बना रही है।
इन समस्याओं के साथ जून 2025 में हुए बोइंग 787 ड्रीम लाइनर विमान हादसे का असर भी जुड़ा हुआ है, जिसमें अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटना में 241 लोगों की मौत हो गई थी।
भारी नुकसान की आशंका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया को करीब 20,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। ऐसे में नए CEO के सामने बड़ी चुनौती कंपनी को इस मुश्किल दौर से बाहर निकालने की होगी। बता दें इस साल भारतीय एविएशन सेक्टर में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में भी हाल ही में सीईओ के लेवल पर बदलाव हुआ है।




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