अडानी के इन 2 शेयर पर ब्रोकरेज फिदा, समूह ने बताया है 5 साल के निवेश का प्लान
अडानी समूह ने अगले पांच वर्षों के लिए हर साल ₹2 लाख करोड़ के बड़े पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) की योजना की घोषणा की है। यह निवेश मुख्य रूप से ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में किया जाएगा।
वैसे तो साल 2026 में गौतम अडानी समूह की कंपनियों के शेयर का परफॉर्मेंस सुस्त है लेकिन आने वाले दिनों में इसके कुछ शेयर डिमांड में रह सकते हैं। इन शेयरों में अडानी पोर्ट्स और अडानी पावर शामिल हैं। आइए एक्सपर्ट की राय और अडानी समूह के प्लान के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
अडानी समूह का प्लान क्या है?
अडानी समूह ने अगले पांच वर्षों के लिए हर साल ₹2 लाख करोड़ के बड़े पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) की योजना की घोषणा की है। यह निवेश मुख्य रूप से ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में किया जाएगा। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक खबर के मुताबिक समूह, अडानी पोर्ट्स की क्षमता को 600 मिलियन टन से बढ़ाकर 2030 तक 1,200 मिलियन टन तक ले जाने की योजना बना रहा है। वहीं, अडानी पावर की उत्पादन क्षमता को FY32 तक 18 गीगावॉट से बढ़ाकर 42 गीगावॉट करने का लक्ष्य है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
घरेलू ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल और जेएम फाइनेंशियल ने अडानी पोर्ट्स के शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹1800 रखा है, जो मौजूदा स्तर से करीब 27.8 प्रतिशत की संभावित बढ़त को दिखाता है। वर्तमान में अडानी पोर्ट्स के शेयर की कीमत 1402.05 रुपये है। यह एक दिन पहले के मुकाबले बुधवार को 2.83% बढ़कर बंद हुआ। वहीं, अडानी पावर की बात करें तो शेयर के लिए ₹178 का टारगेट दिया गया है। अभी इस शेयर की कीमत 155 रुपये के स्तर पर है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस शेयर के चार्ट पर बुलिश पैटर्न बना है, जिससे आने वाले समय में ₹180 से ₹200 तक का स्तर देखने को मिल सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि कैपेक्स के लिए लिए जाने वाले कर्ज के कारण कंपनी का नेट डेब्ट/EBITDA रेशियो FY29 तक बढ़ सकता है, लेकिन नई क्षमता शुरू होने के बाद यह फिर से संतुलित हो जाएगा। वहीं, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में भी लंबे समय के लिए बेस बनने के संकेत दिख रहे हैं और यह ₹1,250 से ₹1,400 तक जा सकता है। यह शेयर वर्तमान में 1036.75 रुपये पर है।
क्या है पूरा प्लान
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के प्रबंध निदेशक करण अडानी के अनुसार समूह की अगले पांच वर्षों के लिए प्रतिवर्ष 2 लाख करोड़ रुपये की ग्रीनफील्ड पूंजीगत व्यय योजना है। करण अडानी ने कहा- हम नवीकरणीय ऊर्जा की 18 गीगावाट क्षमता को 2030 तक लगभग 50 गीगावाट तक बढ़ा देंगे। बंदरगाहों की क्षमता 600 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) से बढ़कर 1.2 बिलियन एमएमटीपीए हो जाएगी। तापीय ऊर्जा की क्षमता लगभग 17 गीगावाट से बढ़कर 2031 तक 35 गीगावाट हो जाएगी। हवाई अड्डों की क्षमता 2030 तक 100 मिलियन यात्रियों से बढ़कर 200 मिलियन यात्रियों तक पहुंच जाएगी।




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