एक प्लास्टिक सर्जन ने 1 ही दिन में कमा लिए ₹4.36 लाख करोड़, देखते रह गए मस्क?
जियानकार्लो डेवासिनी क्रिप्टो उद्योग के सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि इस साल उनकी संपत्ति में कुल इजाफा 47.8 अरब डॉलर का ही हुआ है और इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कल 45.9 अरब डॉलर जुड़ा।
दुनिया के नामी-गिरामी अरबपतियों लैरी एलिसन, माइकल डेल, जेनसेन हुआंग पर तो सोमवार को डॉलर की जबरदस्त बारिश हुई, लेकिन तूफान देखने को मिली इटली के एक शख्स पर और एलन मस्क ताकते रह गए। इस शख्स ने एक ही दिन में 45.9 अरब डॉलर पीट डाले। यानी एक दिन में इस अरबपति की संपत्ति में 4.36 लाख करोड़ का इजाफा हुआ। यह रकम सोमवार को घरेलू शेयर मार्केट में निवेशकों द्वारा गंवाए गए कुल रकम से भी अधिक है।
क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं, जो बहुत कम दिखाई देते हैं, लेकिन उनका प्रभाव बेहद बड़ा होता है। ऐसे ही एक शख्स हैं जियानकार्लो डेवासिनी, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्टेबलकॉइन कंपनी Tether के प्रमुख मालिकों में गिने जाते हैं।
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार डेवासिनी की संपत्ति 61 अरब डॉलर पर पहुंच चुकी है और वे क्रिप्टो उद्योग के सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि इस साल उनकी संपत्ति में कुल इजाफा 47.8 अरब डॉलर का ही हुआ है और इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कल 45.9 अरब डॉलर जुड़ा।
कमाई के मामले में डेवासिनी सोमवार को दुनियाभर के अरबपतियों में टॉप गेनर रहे। हालांकि नेटवर्थ के लिहाज से वह दुनिया के 34वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। इनके बाद लैरी एलिसन रहे, जिनकी संपत्ति में सोमवार को 21.4 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। एलिसन अब 302 अरब डॉलर के साथ दुनिया तीसरे सबसे बड़े अरबपति हो गए हैं। माइकल डेल की संपत्ति में 15.1 अरब डॉलर का उछाल आया और 244 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ डेल अमीरों की लिस्ट में छठे नंबर पर पहुंच गए हैं।
प्लास्टिक सर्जन से क्रिप्टोकरेंसी तक
दिलचस्प बात यह है कि डेवासिनी का करियर क्रिप्टो से नहीं बल्कि चिकित्सा क्षेत्र से शुरू हुआ था। इटली में जन्मे डेवासिनी ने मेडिकल की पढ़ाई की और कुछ समय तक प्लास्टिक सर्जन के रूप में काम किया। बाद में उन्होंने यह पेशा छोड़कर कंप्यूटर हार्डवेयर और टेक बिजनेस में कदम रखा। कई उतार-चढ़ावों के बाद उनकी रुचि क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र में बढ़ी और वे बिटफिनेक्स और टेथर जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े।
आज डेवासिनी को टेथर के पीछे की सबसे अहम ताकत माना जाता है। टेथर का USDT टोकन दुनिया की सबसे बड़ी स्टेबलकॉइन है और क्रिप्टो मार्केट में होने वाले अधिकांश लेनदेन में इसका इस्तेमाल किया जाता है। कंपनी की तेजी से बढ़ती कमाई और बाजार में मजबूत पकड़ ने डेवासिनी की संपत्ति को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
सार्वजनिक मंचों पर उपस्थिति बहुत कम
हालांकि, डेवासिनी अपनी निजी जिंदगी को लेकर बेहद गोपनीय माने जाते हैं। वे सार्वजनिक मंचों पर बहुत कम दिखाई देते हैं और मीडिया से भी दूरी बनाए रखते हैं। इसके बावजूद क्रिप्टो उद्योग में उन्हें एक रणनीतिक दिमाग और टेथर के वास्तविक संचालनकर्ता के रूप में देखा जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टेथर का वैल्युएशन भविष्य में और बढ़ता है, तो डेवासिनी दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में और ऊपर पहुंच सकते हैं। क्रिप्टो मार्केट के विस्तार के साथ उनकी संपत्ति और प्रभाव दोनों लगातार बढ़ रहे हैं।




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