13 percent jump in sales due to rumor of increase in petrol diesel price and panic buying पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की अफवाह और पैनिक बाइंग के चलते सेल में 13% की उछाल, Business Hindi News - Hindustan
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की अफवाह और पैनिक बाइंग के चलते सेल में 13% की उछाल

Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के अटकलों के चलते पेट्रोल पंप पर कुछ इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। इससे अप्रैल 2026 में ईंधन की रिटेल सेल में सालाना आधार पर 13% से अधिक की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है।

Fri, 24 April 2026 08:43 AMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की अफवाह और पैनिक बाइंग के चलते सेल में 13% की उछाल

चुनाव बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की अफवाहों के चलते देशभर में उपभोक्ताओं में दहशत का माहौल है। इसी वजह से त्योहारी सीजन की तरह पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे अप्रैल 2026 में ईंधन की रिटेल सेल में सालाना आधार पर 13% से अधिक की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के पंपों पर 1 से 21 अप्रैल के दौरान पेट्रोल-डीजल की बिक्री 13% बढ़ी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे।

किस देश में कितना महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल

बता दें युद्ध के बीच म्यांमार में पेट्रोल के दाम 101 प्रतिशत और डीजल के दाम 161 प्रतिशत से अधिक बढ़ गए हैं। लाओस में पेट्रोल जहां 35.8 प्रतिशत बढ़ा है वहीं, डीजल के दाम 150 प्रतिशत। फिलीपींस में डीजल 118.4 प्रतिशत और पेट्रोल 57.6 प्रतिशत महंगा हुआ है। न्यूजीलैंड में डीजल 105 प्रतिशत तो पेट्रोल 36.5 प्रतिशत महंगा हो गया है।

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नेपाल में पेट्रोल करीब 40 प्रतिशत और डीजल करीब 67 प्रतिशत महंगा हुआ है। अमेरिका भी महंगाई की आग में झुलस रहा है। यहां पेट्रोल 33.2 प्रतिशत और डीजल 41.8 प्रतिशत महंगा हो गया है। चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान तक में पेट्रोल-डीजल महंगा हो चुके हैं।

तेल की कीमतें ₹25–28 प्रति लीटर तक बढ़ने की अफवाह

लोगों में एक अफावाह तेजी से फैल रही है कि चुनाव (29 अप्रैल) के बाद कीमतें ₹25–28 प्रति लीटर तक बढ़ सकती हैं। इस पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया, "अभी कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है"।

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अटकलों की असली वजह क्या है?

फ्यूल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही हैं, उनकी जड़ में कच्चे तेल की कीमतें हैं। ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया, जिससे ब्रेंट क्रूड का भाव $119 प्रति बैरल के उच्च स्तर पर पहुंच गया। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को डीजल पर लगभग ₹100 और पेट्रोल पर ₹20 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म कोटक ने अनुमान लगाया था कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद सरकार कीमतें बढ़ा सकती है।

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सरकार ने क्या कहा?

हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था इन दबावों के बीच है, लेकिन सरकार ने फिलहाल राहत देने का फैसला किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने X पर पोस्ट करके कहा कि कीमतें बढ़ाने वाली खबरें "भ्रामक एवं दुर्भावनापूर्ण" हैं। सरकार ने यह भी दावा किया कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जहां पिछले चार सालों में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं।

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