भाभी और भतीजी को बचा लिया, खुद मौत की नींद सो गया; रिश्ते सहेजने में राजू ने दी कुर्बानी
चापाकल में करंट दौड़ रही थी। भाभी और भतीजी करंट की चपेट में आ गए। यह देखकर राजू उन्हें बचाने दौड़ा। बांस के टूकड़े की मदद से दोनों को निकाल लिया लेकिन खुद फंस गया।

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक युवक रिश्ते को सहेजने में कुर्बान हो गया। उसने अपनी भाभी और भतीजी को तो मौत के मुंह से निकाल लिया पर खुद हमेशा हमेशा के लिए मौत की नींद सो गया। मुशहरी प्रखंड के विशुनपुर मानशाही गांव में राजू कुमार(23) की मौत से सबकी आंखें नम हैं। करंट से घायल भाभी चांदनी कुमारी और भतीजी रिमझिम का इलाज चल रहा है। घटना से गांव में मातम का माहौल है।
घटना शहरी इलाके से सटे विशुनपुर मानशाही गांव की है। ललन पंडित की बहू चांदी चापाकल के पास गेहूं धो रही थी। वहीं उसकी छोटी बेटी भी थी। चापाकल में करंट दौड़ रही थी। दोनों करंट की चपेट में आ गए। यह देखकर राजू उन्हें बचाने दौड़ा। बांस के टूकड़े से मारकर दोनों को चापाकल से अलग कर दिया लेकिन खुद करंट की चपेट में आ गया। तीनों घटना स्थल पर ही बेहोश हो गए।
गांव के लोगों ने आनन फानन में तीनों को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने राजू को मृत घोषित कर दिया। राजू को जोरदार झटका लगा था जिसे वह सहन नहीं कर पाया। परिजन मृतक की डेडबॉडी अस्पताल से ले गए और गुरुवार को ही गांव के श्मशान में अंतिम संस्कार कर दिया।
इस मामले में मुशहरी थानेदार ने बताया कि लिखित सूचना दिए जाने पर पुलिस कार्रवाई करेगी। घटना को लेकर गांव में मातम का माहौल है। राजू के माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के प्रति राजू के समर्पण की चर्चा जोर शोर से हो रही है। सभी राजू की तारीफ कर रहे हैं।




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