बिहार में 2 दिन से गायब शिक्षिका की मिली लाश, बीएलओ के काम से था तनाव
शिक्षक संघ के प्रधान सचिव, राजीव कुमार ने कहा कि शिक्षिका काम के दवाब में थीं। जब से वह बीएलओ के तौर पर काम कर रही थी, तभी से तनाव में थी। किसी भी शिक्षक को जबरदस्ती शिक्षण कार्य के अलावा अन्य काम में नहीं लगाया जा सकता, यह विभाग का आदेश है।

मिठनपुरा थाना क्षेत्र में मिस्कॉर्ट लेन और पड़ाव पोखर के बीच रेलवे ट्रैक के पास से मिले शव की पहचान हो गई है। वह दो दिनों से गायब काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के आमगोला नीतीश्वर मार्ग की रहने वाली सहायक शिक्षक आशा मिंज (58 वर्षीय) का था। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इस संबंध में शिक्षिका के भाई अजय मिंज ने शनिवार को काजीमोहम्मदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि बीएलओ के काम को लेकर शिक्षिका काफी तनाव में थी। शुक्रवार की शाम बिना किसी को बताये कब घर से निकलीं, पता नहीं चला।
काजीमोहम्मदपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर छानबीन शुरू की। इस दौरान पता चला कि मिठनपुरा पुलिस ने शुक्रवार की रात करीब साढ़े आठ बजे एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया था। पोस्टमार्टम के बाद शव को पहचान के लिए मेडिकल में रखा गया है। इसके बाद शनिवार को भाई अजय मिंज ने वहां जाकर शव की पहचान की है। पूछताछ में शिक्षिका के परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह बीएलओ के काम को लेकर दबाव में थी।
वही, मिठनपुरा थानेदार पंकज कुमार संतोष ने बताया कि आसपास के लोगों से सूचना मिली थी कि ट्रेन की चपेट में आ जाने से एक महिला की मौत हो गई है। इसके बाद मौके पर पुलिस टीम को भेजा गया। यूडी केस दर्ज किया गया था। शव की पहचान कर ली गई है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बैग और मोबाइल घर पर ही छोड़कर निकल गई थी
भाई अजय मिंज ने काजीमोहम्मदपुर थाने में दी गई शिकायत में बताया था कि शिक्षिका आशा मिंज नगर थाना क्षेत्र स्थित नई तालिमा स्कूल में सहायक शिक्षक थीं। बीते एक अगस्त से उसको बीएलओ का कार्य सौंपा गया था। जिस कार्य को वह एक माह से कर रही थी। लगातार बीएलओ कार्य करने के दबाब को लेकर वह मानसिक तनाव से गुजर रही थी। गायब होने से पूर्व शुक्रवार को वह घर पर आई। फ्रेस होने के लिए अपने कमरे में चली गई। खाने के लिए खोजने गए तो वह नही मिली। वह अपना बैग और मोबाइल घर पर ही छोड़कर बिना किसी को बताए कब निकल गई। इसका पता नही चल सका है। वह शुक्रवार शाम करीब सात बजे के बाद से लापता हैं।
हेडमास्टर सह प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव, राजीव कुमार ने कहा कि शिक्षिका काम के दवाब में थीं। जब से वह बीएलओ के तौर पर काम कर रही थी, तभी से तनाव में थी। किसी भी शिक्षक को जबरदस्ती शिक्षण कार्य के अलावा अन्य काम में नहीं लगाया जा सकता, यह विभाग का आदेश है। इसके बाद भी उन्हें इस काम में लगाया गया था।
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