गंगा घाट के पास खड़ी होकर अपना बच्चा बेचने लगी मां, बिहार के बाढ़ में ममता का सौदा
इधर जांच-पड़ताल के बाद महिला के परिवार वालों संपर्क किया गया। हालांकि परिजनों ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया है। इसके बाद पुलिस ने महिला को उसकी गोतनी की देखरेख का बांड भराकर सौंप दिया गया है।

बिहार की राजधानी पटना से सटे बाढ़ से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। बाढ स्थित शनि धाम मंदिर गंगा घाट पर शनिवार को एक महिला ने अपने दो माह के बेटे को बेचने का प्रयास किया। पुजारी की शिकायत पर पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने निजी मचलके पर महिला व उसके मासूम बच्चे को उसकी गोतनी को सौंप दिया। पुलिस के अनुसार, महिला मानसिक रूप से बीमार है। वह परिवार से दूर रहती थी। इस मामले को लेकर कई घंटे चर्चा का माहौल गर्म रहा।
जानकारी के अनुसार, शनि धाम मंदिर के पास दो माह के बेटे को महिला द्वारा आने जाने वाले लोगों से बेचने की बात की जा रही थी। इसकी सूचना मंदिर के पुजारी शिवजी मुनि ने पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस की जांच पड़ताल के अनुसार महिला का मायका पंडारक थाना क्षेत्र में है। जबकि ससुराल नालंदा जिले में है। मानसिक बीमारी के कारण महिला ससुराल और मायके वालों से दूर रहती है। कुछ दिन तक महिला बाढ रेलवे स्टेशन के पास पावरोटी बेचकर गुजारा कर रही थी। इसी दौरान उसने बेटे को जन्म दिया, जिसकी उम्र लगभग दो माह के आसपास है।
मासूम बेटे को बोझ समझती थी महिला
लोगों का कहना है कि बच्चे को बोझ समझ कर बेचने का प्रयास वह कर रही थी। हालांकि बाद में रेल पुलिस ने उसे परिसर से हटा दिया था। फिर उसे नगर परिषद के आश्रय स्थल में दाखिल कराया गया था। अचानक वह बच्चे को लेकर गंगा घाट पहुंची और बेचने की बात कहने लगी। पुलिस ने बताया कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। जिसके कारण वह बच्चे को बेचने की बात कर रही है। जांच-पड़ताल के बाद महिला के परिवार वालों संपर्क किया गया। हालांकि परिजनों ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया है। इसके बाद पुलिस ने महिला को उसकी गोतनी की देखरेख का बांड भराकर सौंप दिया गया है।




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