मोतिहारी शराब कांड: नोएडा से आई थी मौत वाली स्पिरिट, बिहार में 10 मौतों के बाद खुल रहे कई राज
जांच में पता चला है कि गिरफ्तार नामजद अभियुक्त राजा कुमार ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट वाली जार मंगाई थी। स्थानीय आपूर्ति शृंखला में इनकी प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्त सुनील साह की भी भूमिका मिली है।

बिहार के मोतिहारी जिले में जिस स्पिरिट का इस्तेमाल कर जहरीली शराब बनाई गई थी, वह औद्योगिक इस्तेमाल के नाम पर नोएडा से मंगाई गई थी। इस स्पिरिट वाले जार पर ‘सुपर पावर एडब्ल्यू-68 हाइड्रोलिक आयल’ लिखा हुआ है। बिहार पुलिस और मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अब तक की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस छापेमारी में अब तक ऐसे 26 लीटर वाले 50 से अधिक जार बरामद किए जाने की सूचना है। गौरतलब है कि मोतिहारी जहरीली शराब कांड में 10 लोगों की मौत हो गयी, जबकि कई गंभीर रूप से बीमार पड़े थे।
जांच में पता चला है कि गिरफ्तार नामजद अभियुक्त राजा कुमार ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट वाली जार मंगाई थी। स्थानीय आपूर्ति शृंखला में इनकी प्रमुख भूमिका रही। इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्त सुनील साह की भी भूमिका मिली है। उनके बीच पैसे के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। इन सभी अभियुक्तों के मोबाइल नंबर का तकनीकी विश्लेषण कर सीडीआर निकालने के साथ ही एक वर्ष का मूवमेंट चार्ट (ट्रैवल लॉग) भी तैयार किया जा रहा है।
मोतिहारी शराबकांड के बाद मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने गहन अनुसंधान के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें घटनास्थल से जब्त सारे साक्ष्यों के शृंखलाबद्ध अभिलेखीकरण (चेन ऑफ कस्टडी) सावधानी से तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ट्रायल के दौरान कोई परेशानी न हो। इसके साथ ही मालखाने में प्रदर्शों के रखने और निकालते समय भी रजिस्टर में उसे अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया है।
इससे पहले बिहार पुलिस ने जहरीली शराब कांड को लेकर एसओपी भी जारी की थी। एसओपी में सभी जिलों को इस संबंध में आसूचना संकलन कराने तथा अपने-अपने जिलों के थानों, चौकीदारों और दफादारों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया है। कहीं भी ऐसे संदिग्ध जार बरामद होने पर उसकी रासायनिक जांच कराने का निर्देश है।
रबर, परफ्यूम बनाने वाली इकाइयों में होता है मेथेनॉल का प्रयोग
औद्योगिक रसायन के रूप में इस्तेमाल होने वाली स्पिरिट मेथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) होती है। मानव शरीर के लिए जहरीला होने के बावजूद माफिया तत्व अवैध ढंग से शराब निर्माण में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य में मेथेनॉल बनाने वाली कोई यूनिट नहीं है। ऐसे में रबर से लेकर परफ्यूम बनाने वाली औद्योगिक इकाइयां दूसरे राज्यों से इसका आयात कर रही हैं। इसको देखते हुए मेथेनॉल के लीकेज की संभावना लगातार बनी हुई है। जहरीली शराब के अधिकतर मामलों में जांच के दौरान जहरीले पेय में मेथेनॉल के ही अंश मिले हैं।




साइन इन