Why cbi is mute spectator for 20 days who is responsible to keep manish in jail ask court in neet student dead case बीस दिनों तक CBI मूकदर्शक क्यों रही, मनीष को जेल में रखने का जिम्मेवार कौन है; नीट छात्रा केस में कोर्ट ने पूछा, Bihar Hindi News - Hindustan
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बीस दिनों तक CBI मूकदर्शक क्यों रही, मनीष को जेल में रखने का जिम्मेवार कौन है; नीट छात्रा केस में कोर्ट ने पूछा

रौशनी कुमारी और अनु कुमारी का बयान अलग-अलग होने पर अदालत ने मनीष रंजन से भी पूछताछ की। मनीष ने अदालत को बताया कि घटना के दिन वह घर पर था। 5 जनवरी की सुबह बेटी को लेकर पावापुरी मेडिकल कॉलेज गया था, उसी रात 8 बजे लौट आया था।

Thu, 12 March 2026 07:24 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान प्रतिनिधि, पटना
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बीस दिनों तक CBI मूकदर्शक क्यों रही, मनीष को जेल में रखने का जिम्मेवार कौन है; नीट छात्रा केस में कोर्ट ने पूछा

पॉक्सो की विशेष अदालत में बुधवार को पटना में नीट छात्रा की मौत के मामले में जेल में बंद शंभु गर्ल्स हॉस्टल के मकान मालिक मनीष रंजन की नियमित जमानत पर सुनवाई हुई। बेऊर जेल से पहली बार मनीष रंजन को विशेष अदालत में पेश किया। इस दौरान अदालत ने सीबीआई से पूछा कि एसआईटी ने जांच और सबंधित सभी कागजात आपको सौंप दिए हैं और आप 20 दिनों से मूकदर्शक बने हैं। सुनवाई अधूरी रहने पर विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमन ने गुरुवार को तिथि तय की।

जांच के दौरान कोर्ट ने पूछा, मनीष रंजन जेल में है इसकी जानकारी थी या नहीं। सीबीआई की लापरवाही से मनीष रंजन गैर कानूनी तरीके से जेल में है इसका जिम्मेवार कौन होगा। नीट छात्रा की मौत के दो महीना हो गए अबतक कारण पता नहीं चल सका है। विशेष अदालत ने सीबीआई, कांड की पहली आईओ रोशनी कुमारी और एसआईटी की एएसपी अनु कुमारी, सूचक के वकील, पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक से बारी-बारी से पूछताछ की। मनीष रंजन घटना के समय कहां था।

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इस बात पर रौशनी कुमारी और अनु कुमारी का बयान अलग-अलग होने पर अदालत ने मनीष रंजन से भी पूछताछ की। मनीष ने अदालत को बताया कि घटना के दिन वह घर पर था। 5 जनवरी की सुबह बेटी को लेकर पावापुरी मेडिकल कॉलेज गया था, उसी रात 8 बजे लौट आया था। 6 जनवरी की सुबह 10 बजे ऑफिस गया और रात 8 बजे लौट गया।

सात जनवरी को सुबह 10 बजे ऑफिस जाने के क्रम में हॉस्टल की संचालिका नीलम अग्रवाल ने घटना की जानकारी दी थी। एसआईटी की एएसपी अनु कुमारी ने बताया कि 6 जनवरी को छात्रा के कमरे से दवा मिली थी फिर वापस उसी कमरे में रख दिया गया था। जिसे 7 जनवरी को उठाया गया था।

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पीड़िता के वकील ने कहा, मनीष रंजन इस कांड का सरगना

इस दौरान पीड़िता के वकील ने कहा कि मनीष रंजन कांड का सरगना है। आरोपियों को बचाने के लिए रौशनी कुमारी, एएसपी अनु कुमारी और सीबीआई मिलकर इसकांड की लिपापोती कर रहे हैं और साक्ष्य मिटा रहे हैं। जमानत अर्जी के सुनवाई के दौरान पीड़िता के वकील ने मोबाइल फोन से एक ऑडियो विशेष न्यायाधीश को सुनवाया, जिसमें गवाहों को धमकाया जाने की बात थी।

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