नीट पेपर लीक केस में गिरफ्तार राजद नेता संतोष जायसवाल कौन? तेजस्वी से मांगा था चुनाव में टिकट
दिल्ली पुलिस ने नीट पेपर लीक मामले में संतोष जायसवाल को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर गाजियाबाद के होटल से 20 अभ्यर्थियों को छुड़ाया गया। संतोष आरजेडी का राष्ट्रीय सचिव है। जिसने सियासत में एंट्री के लिए तेजस्वी से रक्सौल विधानसभा से टिकट मांगा था।

NEET 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरजेडी नेता संतोष जायसवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि संतोष जायसवाल इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड और 'किंगपिन' था। उसकी निशानदेही पर गाजियाबाद के एक होटल से 20 नीट अभ्यर्थियों को मुक्त कराया गया। मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धांधली के लिए 'इंजन' और 'बोगी' मॉडल का इस्तेमाल करता था। 'इंजन'ऐसे सॉल्वर होते थे जो पढ़ाई में तेज होते थे, जबकि “बोगी” वे छात्र होते थे जो पैसे देकर परीक्षा पास करना चाहते थे। गिरोह उम्मीदवारों का आवेदन एक साथ करवाता था, ताकि उनके रोल नंबर लगातार क्रम में आएं और उन्हें एक ही परीक्षा केंद्र में बैठाया जा सके। परीक्षा के दौरान सॉल्वर पीछे बैठे अभ्यर्थियों को इशारों या बोलकर जवाब बताते थे।
दिल्ली के 100 होटलों में पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस के मुताबिक परीक्षा से एक दिन पहले सभी अभ्यर्थियों को होटल में रखा जाता था और संभावित सवालों के जवाब याद कराए जाते थे। गिरोह के सदस्य अगली सुबह उन्हें परीक्षा केंद्र तक छोड़ते थे। किसी भी तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, मूल दस्तावेज और पोस्ट-डेटेड चेक पहले ही अपने कब्जे में ले लिए जाते थे। तय रकम मिलने के बाद ही दस्तावेज लौटाए जाते थे। दिल्ली पुलिस को 2 मई को सूरत पुलिस से इस रैकेट की जानकारी मिली थी। इसके बाद महिपालपुर के करीब 100 होटलों में छापेमारी की गई, जहां से तीन आरोपी पकड़े गए। पूछताछ के दौरान संतोष जायसवाल के नेटवर्क का खुलासा हुआ।
कौन है संतोष जायसवाल?
संतोष जायसवाल बिहार के मोतिहारी जिले का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार उसने दिल्ली में मेडिसिन कारोबार की आड़ में यह नेटवर्क खड़ा किया। बाद में उसने राजनीति में भी सक्रियता बढ़ाई और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में राष्ट्रीय सचिव का पद हासिल किया। 2020 के विधानसभा चुनाव में पहले उसने अपने भाई राजन जायसवाल को अपने गृह विधानसभा क्षेत्र ढाका से चुनाव मैदान में उतारा। राजन प्लुरल्स पार्टी से चुनाव लड़े, लेकिन जमानत तक नहीं बचा पाए। इसके बाद संतोष ने राजद की सदस्यता ली। पार्टी जॉइन करने के बाद उसे राष्ट्रीय सचिव पद मिला।
2025 के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी से मांगा था टिकट
ढाका से भाई की करारी शिकस्त के बाद संतोष ने विधानसभा रक्सौल को अपना पॉलिटिकल बेस बनाने की कोशिश की। अपनी पूरी फिल्डिंग सजाई। संतोष ने 2025 के विधानसभा चुनाव में टिकट हासिल करने की भरसक कोशिश की थी। काफी पैसे खर्च करने के बाद भी नाकाम रहा। चुनाव में रक्सौल का टिकट नहीं मिला। इसके बाद संतोष दिल्ली पहुंच गया और राजद के राष्ट्रीय दफ्तर में काम संभालने लगा। दिल्ली में राजद को कवर करने वाले पत्रकारों की मानें तो यह राजद दफ्तर में रोज एक बार जरूर पहुंचता था। फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
चार भाइयों में सबसे बड़ा है संतोष जायसवाल
संतोष चार भाइयों में सबसे बड़ा है। घर की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य थी। पिता सिनेमा हॉल में ऑपरेटर (रील को ऑपरेट करने वाले) का काम करते थे। सैटेलाइट व्यवस्था विकसित होने के बाद वे बेरोजगार हो गए थे। मोतिहारी में स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद संतोष आगे की पढ़ाई के लिए पटना आया। यहां इसकी मुलाकात तब के सबसे बड़े परीक्षा माफिया से हुई। सूत्रों की मानें तो दिल्ली में संतोष का मेडिसिन का बड़ा बिजनेस है। इसी की आड़ में इसने अपने काले कारोबार का साम्राज्य खड़ा किया। आमदनी का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि दिल्ली के सबसे महंगे इलाके कहे जाने वाले ईस्ट ऑफ कैलाश में इसका बंगला है। इसके अलावा भी उसके नाम कई प्रॉपर्टी हैं।




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