कौन हैं हायाघाट के विधायक रामचंद्र प्रसाद? सम्राट सरकार में BJP ने मंत्री बनाया
Samrat Choudhary Cabinet Expansion Ramchandra Prasad: सम्राट कैबिनेट में दरभंगा के हायाघाट विधायक रामचंद्र प्रसाद को मंत्री पद का तोहफा दिया गया है। रामचंद्र 2020 से लगातार दूसरी बार विधायक बनने में कामयाब रहे हैं।

Samrat Choudhary Cabinet Expansion Ramchandra Prasad: बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में 15 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार बनी। तब सीएम के अलावे दो डिप्टी सीएम जदयू के विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद 7 मई को सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा रहा है। सम्राट कैबिनेट में दरभंगा के हायाघाट के विधायक डॉ रामचंद्र प्रसाद को मंत्री पद का तोहफा दिया गया है। रामचंद्र प्रसाद तेली जाती से ताल्लुक रखते हैं और 2020 से लगातार दूसरी बार विधायक बनने में कामयाब रहे हैं।
डॉ रामच्रंद्र प्रसाद बिहार के उच्च शिक्षित विधायकों में से एक हैं और वे दरभंगा के 84- हायाघाट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के एक प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। कहा जाता है कि वह जमीनी स्तर से जुड़े नेता हैं जो लगातार दूसरी बार (2020 और 2025) से हायाघाट के विधायक बने हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनपर भरोसा किया तो रामचंद्र प्रसाद ने राजद के कद्दावर और लालू प्रसाद के काफी करीबी भोला यादव को परास्त कर हायाघाट की सीट पर कब्जा कर लिया। 2025 में उन्होंन सीपीआई के नेता श्याम भारती को परास्त कर दूसरी बाद विधायक की सीट पर कब्जा जमा लिया। पार्टी और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और लगातार दूसरी जीत और सामाजिक समीकरण का ख्याल करते हुए उन्हें मंत्री बनाया गया है। रामचंद्र प्रसाद तेली समाज से आते हैं जो ओबीसी में शामिल है।
रामचंद्र प्रसाद मूल रूप से दरभंगा जिले के सिघौली (हायाघाट) के निवासी हैं। राजनीति में आने से पहले वे एक किसान और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे। उनके हलफनामे के अनुसार, उनका मुख्य पेशा कृषि और सामाजिक सेवा है। उनके पिता योगेंद्र प्रसाद भी किसान थे और छोटा मोटा व्यवसाय करते थे। काफी साधारण परिवार से निकल कर मंत्री पद तक पहुंचे हैं।
रामचंद्र प्रसाद काफी पढ़े लिखे विधायक हैं। उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल किया है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा दरभंगा स्थानीय विद्यालयों से प्राप्त की और संघर्ष के बल पर यहां तक पहुंचे। उन्हें मंत्री बनाकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश दिया है। छात्र जीवन से ही वह सामाजिक कार्यों के प्रति जागरुक और सक्रिय रहते थे। इसी के माध्यम से उन्होंने राजनीति में कदम रखा। वे लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के संगठन में विभिन्न पदों पर सक्रिय रहे।
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा ने उन्हें हायाघाट से एनडीए का उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उन्होंने राजद के कद्दावर नेता भोला यादव को लगभग 10,252 मतों के अंतर से हरा दिया। इस तरह वे पहली बार विधानसभा के सदस्य बने। वे 2025 के विधानसभा चुनावों में पुनः निर्वाचित हुए। उन्होंने इस चुनाव में माकपा (CPI-M) के उम्मीदवार श्याम भारती को हराकर अपनी जीत दर्ज की। उन पर कोई गंभीर आपराधिक मामले नहीं हैं, जिससे उनकी छवि एक स्वच्छ और ईमानदार नेता के रूप में बनी हुई है। रामचंद्र प्रसाद भाजपा के एक अनुशासित कार्यकर्ता माने जाते हैं और मिथिलांचल के इलाके में भारतीय जनता पार्टी की पकड़ मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है। पार्टी के उच्च स्तर के नेता भी उन्हें पहचानते हैं। उनके संबंध को निभाते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उनके चुनाव में प्रचार करने आए थे।




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