Bihar Monsoon: बिहार में कब होगी मानसून की एंट्री, IMD ने दिया ताजा अपेडट; गर्मी से मिलेगी राहत
Bihar Monsoon: मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण पश्चिम मानसून सिक्किम और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ गया है। केरल में मानसून तीन दिन की देरी से 4 जून को पहुंचा था। हालांकि, देरी से पहुंचने के बावजूद मानसून काफी तेजी से आगे बढ़ा।

Bihar Monsoon: बिहार के अलग-अलग जिलों में भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं। सूरज के तल्ख तेवर ने लोगों को घरों में दुबके रहने के लिए मजबूर कर दिया है। लेकिन अब मौसम विभााग ने मानसून को लेकर राहत की बात बताई है। मौसम विभाग की तरफ से कहा गयाा है कि बिहार में मानसून अपने तय समय से आएगा। मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में मानसून के तय समय (13-15 जून) पर आने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून मंगलवार को उत्तरी बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार से पांच दिनों में मानसून के बिहार पहुंचने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। बिहार में मानसून का प्रवेश बंगाल की खाड़ी की दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाओं के जरिए होता है और यह सबसे पहले पूर्णिया और किशनगंज जिले में दस्तक देता है।
मौसम विभाग ने मंगलवार को बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून सिक्किम और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ गया है। केरल में मानसून तीन दिन की देरी से 4 जून को पहुंचा था। हालांकि, देरी से पहुंचने के बावजूद मानसून काफी तेजी से आगे बढ़ा। 13 जून तक उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
पटना मौसम विज्ञान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर का मानना है कि जनवरी से मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध में हिम आवरण सामान्य से थोड़ा कम रहा है। इस साल 1 जून से 8 जून के बीच भारत में कुल बारिश सामान्य से 12 फीसदी कम रही है।
सामान्य से कम बारिश होगी
पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में भले ही समय पर मानसून के आने की संभावना है। लेकिन, लगातार पांचवें वर्ष जून से सितंबर के बीच सामान्य से कम बारिश होगी। इससे पहले 2021 में सामान्य से 5.27 प्रतिशत अधिक हुई थी। 2022 से 2025 के बीच सामान्य से 31 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। मानसून के दौरान अल-नीनो के विकसित होने की प्रबल संभावना है, जो बारिश को प्रभावित करेगा और तपिश बढ़ेगी।
पटना में बढ़ी बिजली की मांग
इधऱ उमस भरी गर्मी के बीच राजधानी पटना में बिजली की मांग ने इस सीजन का नया रिकॉर्ड बना दिया। सोमवार की रात 11 बजे पीक आवर के दौरान बिजली की खपत 877 मेगावाट तक पहुंच गई, जो इस सीजन की अब तक की सर्वाधिक मांग है। इससे पहले भी दो बार बिजली की मांग में वृद्धि दर्ज की गई थी, लेकिन सोमवार की मांग ने नया रिकॉर्ड कायम किया। हालांकि पिछले वर्ष का रिकॉर्ड टूटने से महज छह मेगावाट की कमी रह गई।
वहीं मंगलवार की दोपहर तीन बजे भी बिजली की मांग 816 मेगावाट दर्ज की गई। बढ़ती खपत का असर शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पर पड़ा। ट्रिपिंग, केबल जलने और ट्रांसफॉर्मर के ओवरलोड होकर बंद होने जैसी समस्याएं सामने आईं। पेसू के महाप्रबंधक सहित पूरी टीम दिन-रात आपूर्ति सामान्य बनाए रखने में जुटी रही। रात के पीक आवर में बिजली की मांग बढ़ते ही एबी केबल गर्म होकर जलने लगे। सोमवार की देर रात हनुमान नगर काली मंदिर के पास एबी केबल में आग लग गई, जिससे करीब एक घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
वहीं राजेंद्र नगर के काशीनाथ लेन में सोमवार की रात और मंगलवार की दोपहर भी केबल में आग लगने की घटना हुई, जिसके कारण क्षेत्र में बिजली बाधित रही। इसके अलावा कंकड़बाग पीसी कॉलोनी, मीठापुर, राजेंद्र नगर, एग्जीबिशन रोड, बुद्ध मार्ग, बोरिंग रोड, पाटलिपुत्र, दानापुर और अशोक राजपथ सहित कई इलाकों में बिजली की आवाजाही बनी रही। उमस भरी गर्मी के कारण लोग परेशान रहे।




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