विक्रमशिला सेतु पर बड़ा अपडेट, तीसरे बेली ब्रिज का फ्रेम तैयार; जानिए कब से शुरू होगा आवागमन?
Vikramshila Setu Latest Update: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर तीसरे बेली ब्रिज का फ्रेम तैयार हो गया है। तीन-चार दिनों में काम पूरा होने के बाद IIT पटना की टीम जांच करेगी, जिसके बाद ही परिचालन शुरू होगा।
Vikramshila Setu Latest Update: भागलपुर और नवगछिया के बीच सफर करने वाले लाखों आम लोगों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु पर क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने के लिए तीसरे बेली ब्रिज का फ्रेमिंग का काम बुधवार को भी युद्धस्तर पर जारी रहा। पुल के टूटने के बाद से दोनों तरफ का संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोग जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे गंगा पार करने को मजबूर हैं। ऐसे में इस तीसरे ब्रिज का काम पूरा होना बेहद जरूरी है।
तीन से चार दिन में पूरा होगा काम, आंधी-तूफान से लगा था झटका
विभागीय अभियंताओं के मुताबिक, इस तीसरे बेली ब्रिज के निर्माण कार्य को अंतिम रूप देने में अभी तीन से चार दिन का समय और लग सकता है। पिछले दिनों इलाके में आए भीषण आंधी-तूफान और तेज बारिश के कारण निर्माण कार्य पर थोड़ा प्रतिकूल असर जरूर पड़ा था, जिसके चलते दोनों रात कुछ घंटों के लिए काम को रोकना पड़ा था। हालांकि, मौसम साफ होते ही काम को दोबारा पूरी रफ्तार से शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में ब्रिज के दोनों ओर एंगल को आपस में जोड़ने का काम चल रहा है, जिसके ठीक बाद इस पर लोहे की मजबूत प्लेटें लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
क्यों पड़ी तीसरे बेली ब्रिज की जरूरत?
दरअसल, विक्रमशिला सेतु का एक मुख्य स्लैब अचानक टूटकर नीचे गंगा नदी में समा गया था। इसके बाद जब जांच की गई, तो भागलपुर की तरफ वाले टूटे स्लैब के ठीक पहले और टूटे स्लैब के बाद वाले एक अन्य स्पैन को भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाया गया। तकनीकी विशेषज्ञों की राय पर इन दोनों स्पैन की सुरक्षा को देखते हुए ही कुल तीन बेली ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया था। अब तक सेतु पर दो बेली ब्रिज का काम पहले ही सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है और यह आखिरी 24 मीटर लंबा तीसरा ब्रिज बनाया जा रहा है।
IIT पटना की टीम करेगी बारीकी से जांच
जैसे ही इस तीसरे बेली ब्रिज का निर्माण कार्य संपन्न होगा, उसके तुरंत बाद IIT पटना की एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ टीम तीनों बेली ब्रिज की सुरक्षा और भार क्षमता की गहन जांच करेगी। आईआईटी की टीम जब इस पूरे ढांचे को तकनीकी रूप से शत-प्रतिशत सुरक्षित घोषित कर देगी, तभी सेतु पर वाहनों के ट्रायल की अनुमति मिलेगी। इस ब्रिज के पूरी तरह चालू हो जाने से भागलपुर और नवगछिया के बीच यातायात एक बार फिर सामान्य हो जाएगा।




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