बिहार में बड़ी नाव दुर्घटना; गंगा में समस्तीपुर के 10 लापता, 3 के शव बरामद, पटना में हादसा
नाव पर सवार सभी 10 लोग लापता हैं जिनमें से 3 के शव बरामद कर लिए गए हैं। शेष की तलाश जारी है। जिला प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम मौके पर पहुंचकर काम कर रही है। मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

Boad Accident in Bihar: बिहार के पटना में गुरुवार की अहले सुबह बड़ा नाव हादसा हुआ। परवल और मजदूरों से भरी एक नाव गंगा नदी में पलट गई। बताया जाता है कि नाव पर सवार सभी 14 लोग लापता हो गए जिनमें से 3 के शव बरामद कर लिए गए हैं। 6 लोगों को गोताखोरों की मदद से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष की तलाश जारी है। जिला प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम मौके पर पहुंचकर काम कर रही है। मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। इस घटना से समस्तपुर से बाड़ तक कोहराम मच गया है। हादसे के शिकार समस्तीपुर के थे जो परवल तोड़ने नदी पार बाढ़ क्षेत्र में गए थे। जानकारी के अनुसार नाविक की लापरवाही से यह दुर्घटना घटी। छोटी नाव पर क्षमता से अधिक लोड के कारण नाव पलट गई। नाव पर बचाव के उपकरण भी नहीं थे। घटना बाढ़ के उमानाथ इलाके की है।
हादसे की जानकारी मिलते के बाद बाढ़ अनुमंडल प्रशासन के अधिकारी और कर्मी मौके पर पहंच गए हैं। स्थानीय थाना पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीम घटनास्थल पर काम कर रही है। प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य तत्परता के सात चलाया जा रहा है। स्थानीय गोताखोरों की टीम की भी मदद ली जा रही है। लापता लोगों की तलाश जारी है। मौके पर तैनात अधिकारियों ने बताया कि अब तक दो शव बरामद किए गए हैं जिन्हें अस्पताल भेजा गया है। अन्य लापता लोगों की तलाश की जा रही है। घटना से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। सुबह सुबह हुई इस घटना से इलाके में मातम छा गया है। नदी के किनारे काफी भीड़ लगी है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने मिसिंग लोगों की जल्द तलाश और मृतकों के लिए मुआवजे की मांग की है।
इस हादसे से गंगा नदी में सुरक्षित नाव परिचालन केे दावे पर सवाल खड़ा होने लगा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि दियारा इलाके में खेती के काम में कमाने खाने वाले मजदूर और किसान हर दिन नदी पार करते हैं। वे अक्सर छोटी नावों का सहारा लेते हैं। कई बार नाव पर उसकी क्षमता से अधिक लोड कर लिया जाता है पर कोई रोकने-टोकने वाला नहीं होता। गुरुवार को भी ऐसा ही हुआ। गंगाघाट पर हादसे के बाद चीखपुकार मच गई।




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