सर्विस ब्रेक और प्रमोशन बना विजय सिन्हा का हथियार, हड़ताली अफसरों को 24 घंटे की मोहलत
बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हड़ताल कर रहे सीओ और राजस्व अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर शुक्रवार शाम तक काम पर वापस नहीं लौटे तो उनकी सेवा ब्रेक कर दी जाएगी और भविष्य में प्रमोशन का फायदा नहीं मिलेगा।
बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल पर डटे अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारियों को एक बार फिर चेतावनी दी है। अब उन्होंने सर्विस ब्रेक (सेवा टूट) और प्रमोशन को हथियार बना लिया है। डिप्टी सीएम ने राजस्व पदाधिकारियों से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने को कहा है। इसके लिए उन्हें 24 घंटे की मोहलत दी है। शुक्रवार 10 अप्रैल शाम तक उन्हें हड़ताल खत्म करने को कहा गया है।
डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि शुक्रवार की शाम पर हड़ताल से वापस नहीं लौटने वाले अंचल और राजस्व अधिकारियों की सेवा में टूट (सर्विस ब्रेक) होगी। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी इस डेडलाइन तक काम पर वापस लौट आएंगे, उनकी नौकरी ब्रेक नहीं की जाएगी। उनकी पदोन्नति की संभावना बनी रहेगी। मगर जो तय समय तक सेवा में नहीं लौटे, उनके लिए सरकार कोई सहानुभूति नहीं बरतेगी और उनके प्रमोशन की उम्मीद खत्म हो जाएगी।
हड़ताली अफसरों को पहले भी मिल चुकी है डेडलाइन
बता दें कि बिहार के सीओ (अंचलाधिकारी) और राजस्व पदाधिकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीते 9 मार्च को अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। इससे अंचलों में राजस्व से जुड़े कामकाज ठप हो गए थे। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हड़ताली अफसरों को निलंबन की चेतावनी दी थी। इससे पहले भी हड़तालियों को 25 मार्च तक काम पर लौटने की डेडलाइन दी गई थी। कई सीओ और आरओ ने हड़ताल खत्म कर ड्यूटी जॉइन भी कर ली। मगर सैकड़ों अफसर अभी तक हड़ताल पर डटे हैं।
अब एक बार फिर सरकार की ओर से अधिकारियों को काम पर लौटने की नई डेडलाइन दे दी है। वहीं, दूसरी ओर हड़ताल कर रहे अंचल और राजस्व अधिकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, हड़ताल खत्म नहीं होगी। दो दिन पहले उन्होंने कहा था कि सरकार द्वारा धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे संवाद होना संभव नहीं दिख रहा है।
अंचलों में वैकल्पिक व्यवस्था
दूसरी ओर, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचलों में जनता के कामकाज प्रभावित ना हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। दूसरे अधिकारियों और ड्यूटी पर तैनात सीओ एवं आरओ को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। रिटायर हो चुके अफसरों को भी फिर से काम पर रखा जा रहा है।




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