सम्राट चौधरी से मिले थे? फरियादी का जवाब सुन विजय सिन्हा के सामने ही हंसने लगे सभी अधिकारी- VIDEO
विजय सिन्हा ने कहा कि अच्छा चलिए। विधायक जो वहां के हैं, उसने मिले। इसपर फरियादी ने कहा कि विधायक से तो मिले हैं ही, सब से मिले हैं। हार-थक कर हम यहां आए हैं। फरियादी ने इसके बाद कहा कि वो उम्मीद लेकर यहां आया है।

बिहार के डिप्टी सीएम सह भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग मंत्री विजय सिन्हा ने जब एक फरियादी से पूछा कि क्या वो अपनी फरियाद लेकर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गया था? तब फरियादी ने जो जवाब दिया उसे सुनकर वहां मौजूद अधिकारी समेत अन्य लोग हंसने लगे। दरअसल शनिवार को मुगंरे में आयोजित 10वें और अंतिम प्रमंडल स्तरीय भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में मौजूद थे। इसी दौरान एक युवक उनके पास अपनी फरियाद लेकर आया।
युवक की फरियाद सुनने के बाद विजय सिन्हा ने फरियादी से पूछा कि तारापुर में आपके डिप्टी सीएम भी हैं, उनसे मिले हैं? इसपर फरियादी ने कहा कि आवेदन उन्हीं के पास दिए थे...कहां कुछ हुआ। इतना सुनते ही वहां मौजूद लोग और अन्य अधिकारी हंसने लगे। इसके बाद विजय सिन्हा ने कहा कि अच्छा चलिए। विधायक जो वहां के हैं, उसने मिले। इसपर फरियादी ने कहा कि विधायक से तो मिले हैं ही, सब से मिले हैं। हार-थक कर हम यहां आए हैं। फरियादी ने इसके बाद कहा कि वो उम्मीद लेकर यहां आया है। फरियादी की बातें सुनने के बाद विजय सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वो तुरंत युवक की समस्या पर काम करें।
इस कार्यक्रम में विजय सिन्हा ने लापरवाह अधिकारियों को आखिरी चेतावनी भी दी। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि सुशासन की राह में रोड़ा अटकाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, किसी गरीब की जमीन कब्जाने वाले भू-माफिया हों या जनता को दफ्तरों के चक्कर लगवाने वाले अधिकारी, अब सबकी जवाबदेही तय होगी।
उन्होंने कहा कि जब कोई किसान उम्मीद लेकर आता है, तो वह सिर्फ एक कागज नहीं होता। अधिकारियों को उनकी संवेदनशीलता समझनी होगी। ईमानदारी से काम करने वालों को सम्मान मिलेगा, लेकिन भ्रष्ट लोगों के लिए व्यवस्था में कोई जगह नहीं है।
डिजिटल समाधान से फाइलों का खेल खत्म
उपमुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर डिजिटल वार का ऐलान करते हुए कहा कि अब न्याय के लिए सालों इंतजार नहीं करना होगा। प्रमंडल स्तर पर मिली 15 हजार से अधिक शिकायतों को अब डिजिटल पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। जिससे अब आवेदक घर बैठे अपनी शिकायत की स्थिति देख सकेंगे। शिकायतों के निष्पादन की निगरानी सीधे मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री सचिवालय से होगी। फाइलों को दबाने वाले अधिकारियों पर अब गाज गिरना तय है। भूमि विवादों को लेकर डिप्टी सीएम का रुख सबसे सख्त रहा। उन्होंने अंचलाधिकारियों (सीओ) को जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी या किसी कमजोर की निजी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अब सीधे प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाएगी। कागजों में हेराफेरी कर जमीन हड़पने वालों के दिन अब लद चुके हैं।




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