डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की चेतावनी बेअसर, सीओ-राजस्व अफसरों की हड़ताल से जमीन के मामले लटके
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अंचल कार्यालयों में रोज दाखिल-खारिज के पांच हजार मामले सामने आते हैं। इसी तरह 10 हजार परिमार्जन में सुधार तो 1200-1300 मामले मापी के आते हैं। 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में आठ लाख से अधिक जमीन से संबंधित मामले लंबित रह गए।
बिहार के अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारियों की हड़ताल (सामूहिक अवकाश) से बिहार में जमीन से संबंधित काम लगभग ठप हो चुके हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कई बार हड़ताली राजस्व अधिकारियों को चेतावनी दी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। हड़ताल अब भी जारी है। इस कारण लोग प्रमाणपत्र बनाने से लेकर जमीन संबंधी काम कराने के लिए अंचल से लेकर अनुमंडल व जिला कार्यालयों का चक्कर काटने को विवश हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अंचल कार्यालयों में रोज दाखिल-खारिज के पांच हजार मामले सामने आते हैं। इसी तरह 10 हजार परिमार्जन में सुधार तो 1200-1300 मामले मापी के आते हैं। 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में आठ लाख से अधिक जमीन से संबंधित मामले लंबित रह गए। अगर राजस्व अधिकारी हड़ताल पर नहीं होते तो इनमें से कम से कम दो-ढाई लाख मामलों का निबटारा हो जाता।
महासंघ का फिर जुटान
हड़ताली महासंघ ने मंगलवार को पटना में एक बार फिर जुटान करने का निर्णय लिया है। संघ का साफ मानना है कि जब तक डीसीएलआर के पद पर राजस्व अधिकारियों की पोस्टिंग पर निर्णय नहीं लिया जाता, हड़ताल जारी रहेगी। संघ नेता आदित्य शिवम शंकर ने कहा कि हमारी मांगों पर स्पष्ट, ठोस एवं सम्मानजनक समाधान नहीं प्राप्त होता, तब तक सामूहिक अवकाश जारी रहेगा। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए शीघ्र, ठोस एवं संतुलित पहल करे जिससे राजस्व प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से पुनः संचालित हो सके।
69 राजस्व अधिकारी काम पर लौट आए
इधर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दावा किया है कि राज्य में राजस्व सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। बिहार राजस्व सेवा संवर्ग के 589 अधिकारी वर्तमान में कार्यरत हैं। इनमें बीपीएससी की 69वीं बैच के सभी 69 राजस्व अधिकारी काम पर लौट आए हैं।
विभाग ने कहा है कि नौ मार्च के बाद से अब तक दाखिल-खारिज के 27,448 मामलों का निष्पादन किया गया है। इसके अलावा परिमार्जन से संबंधित 99,734 मामलों का निपटारा किया गया है, जबकि ई-मापी के 17,354 मामलों का भी निष्पादन किया गया है। आम नागरिकों से जुड़े राजस्व मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए सभी अंचल कार्यालयों में कार्य निरंतर जारी है और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाई जा रही है।
अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुंचाना सुनिश्चित करें
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि बिहार के प्रत्येक नागरिक को बिना बाधा आर्थिक न्याय और राजस्व सेवाओं का लाभ मिले। राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाना हमारी प्रतिबद्धता है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुंचाना सुनिश्चित करें और यदि कहीं लापरवाही या अवरोध मिलता है तो सख्त कार्रवाई करें।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सोमवार को सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर राजस्व व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार ने 18 दिसंबर 2025 से लागू सात निश्चय-3 के सातवें स्तंभ के रूप में इज ऑफ लिविंग का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसका उद्देश्य राज्य के नागरिकों तक आर्थिक न्याय सुनिश्चित करना है।




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