patna to bettiah in three hours first phase of expressway work will complete next year तीन घंटे में पटना से बेतिया पहुंच जाएंगे, एक्सप्रेसवे का पहला फेज कब होगा पूरा, Bihar Hindi News - Hindustan
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तीन घंटे में पटना से बेतिया पहुंच जाएंगे, एक्सप्रेसवे का पहला फेज कब होगा पूरा

इस ग्रीन फिल्ड प्रोजेक्ट के पूरा होने से अन्य मार्गों पर दबाव कम होगा। यह परियोजना वैशाली, सारण, पूर्वी और पश्चिम चम्पारण जिलों को सीधा पटना से जोड़ेगा। इससे उत्तर बिहार के आर्थिक विकास में और तेजी आयेगी।

Tue, 14 April 2026 05:34 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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तीन घंटे में पटना से बेतिया पहुंच जाएंगे, एक्सप्रेसवे का पहला फेज कब होगा पूरा

बिहार के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे का पहला खंड अगले साल अप्रैल के महीने तक पूरा हो जाएगा। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद पटना से बेतिया तीन घंटे में आसानी पहुंचा जा सकेगा। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सारण जिले के बकरपुर-मानिकपुर सड़क पर रुककर पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य के प्रथम खंड का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को तेजी से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की यह एक प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजना है। इस सड़क के निर्माण से पटना से बेतिया जाना आसान हो जाएगा और कम समय में लोग बेतिया पहुंच सकेंगे। इस ग्रीन फिल्ड प्रोजेक्ट के पूरा होने से अन्य मार्गों पर दबाव कम होगा। यह परियोजना वैशाली, सारण, पूर्वी और पश्चिम चम्पारण जिलों को सीधा पटना से जोड़ेगा। इससे उत्तर बिहार के आर्थिक विकास में और तेजी आयेगी। इसके पहले पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि पटना से बेतिया को जोड़ने वाली इस ग्रीनफिल्ड परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। इसके प्रथम खंड का निर्माण अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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जेपी सेतु के समानांतर बन रहे पुल को भी देखा

इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सारण जिला अंतर्गत बाकरपुर-मानिकपुर फोरलेन सड़क निर्माण का निरीक्षण किया। साथ ही जेपी सेतु के समानांतर बन रहे पुल को भी देखा। वहां भी उन्होंने अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह, सारण के एसएसपी अधीक्षक विनीत कुमार, सारण के उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी एवं एनएचएआई के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

दो हजार किमी ग्रामीण सड़कों का निरीक्षण

इधर ग्रामीण कार्य विभाग ने नौ से 11 अप्रैल के बीच राज्य की दो हजार सड़कों का निरीक्षण किया। इसके लिए 82 अधिकारियों की टीम बनाई गई थी। विभाग के अनुसार, जिन ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई, उसके संवेदकों को सात दिनों में सुधार करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित अवधि में त्रुटियों का निवारण नहीं होने पर संवेदक के रिस्क एंड कॉस्ट पर अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।

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साथ ही जांच रिपोर्ट के आधार पर गुणवत्ता से समझौता करने वाले दोषी पदाधिकारी या संवेदकों पर कार्रवाई होगी। विभाग ने सभी गुणवत्ता नियंत्रण पदाधिकारियों को हर महीने कम से कम 20 निर्माणाधीन पथों या पुलों की सघन जांच करने का निर्देश दिया है।

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