पटना में 24 घंटे के अंदर हटाओ अवैध होर्डिंग-पार्किंग, विजय सिन्हा बोले- माफियागिरी नहीं चलेगी
डिप्टी सीएम सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय सिन्हा ने पटना शहर में अवैध होर्डिंग और अवैध पार्किंग को 24 घंटे के अंदर हटाने का आदेश दिया है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि माफियागिरी बिल्कुल नहीं चलेगी।
बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने राजधानी पटना में अवैध होर्डिंग और अवैध पार्किंग को हटाने को कहा है। उन्होंने 24 घंटे के अंदर इन्हें हटाने का अल्टीमेटम दिया और कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक में सिन्हा ने कहा कि अवैध होर्डिंग एवं पार्किंग के नाम पर चल रही माफियागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान मंत्री ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि हाई कोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर शेष सभी अवैध होर्डिंग्स 24 घंटे के भीतर हटा दिए जाएं। अवैध पार्किंग पूरी तरह बंद कर दी जाए। उन्होंने कहा कि इनकी वजह से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसमें जो भी व्यक्ति या समूह संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विजय सिन्हा ने नगर विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों से 15 दिन पहले जारी आदेश में क्या कार्रवाई हुई, इसकी भी जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक 18 अवैध होर्डिंग हटाए जा चुके हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।
बैठक में बताया गया कि पटना में अवैध होर्डिंग्स के लगभग 20 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि इन मामलों की जल्द से जल्द सुनवाई के लिए वरीय वकीलों के जरिए कोर्ट में पक्ष रखा जाए, ताकि कार्रवाई में देरी ना हो।
डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य सरकार पटना में अवैध होर्डिंग और पार्किंग को हटाने के लिए अभियान चला रही है। यह महज औपचारिकता नहीं है। राजस्व को नुकसान से बचाने और शहरी व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में यह अहम कदम है। उन्होंने अधिकारियों से इस काम में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने का निर्देश दिया और कहा कि रोज की प्रगति की समीक्षा की जाए।
भागलपुर में अवैध होर्डिंग-बैनर लगाने वालों पर होगी FIR
दूसरी ओर, भागलपुर शहर में भी अवैध होर्डिंग और बैनर को लेकर अभियान शुरू कर दिया गया है। भागलपुर नगर निगम ने शहर में अवैध रूप से लगे भी होर्डिंग, बैनर आदि को हटाने का आदेश दिया। नगर आयुक्त ने दो सप्ताह पूर्व यह आदेश जारी किया था। सोमवार को इसकी समीक्षा की गई।
निगम प्रशासन ने साफ कर दिया कि चेतावनी के बावजूद अगर कोई व्यक्ति अवैध होर्डिंग, बैनर या प्रचार सामग्री सार्वजनिक स्थानों से नहीं हटाता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उनके खिलाफ आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा।




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