वंदे भारत पर फिर बरसे पत्थर, बिहार में उपद्रवियों ने ट्रेन को बनाया निशाना; बाल-बाल बचे यात्री
शुक्रवार शाम बेतिया के प्रजापति हॉल्ट के पास पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की गई। हमले में कोच C-2 की खिड़की का कांच टूट गया, हालांकि यात्री सुरक्षित रहे। आरपीएफ ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए पत्थरबाजों की तलाश की जा रही है।

Bihar News: देश की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर शरारती तत्वों के निशाने पर आ गई है। शुक्रवार की शाम पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (26501) पर बेतिया शहर के पास पत्थरबाजी की गई। इस हमले में ट्रेन की खिड़की के कांच टूट गए, जिससे यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। संयोग अच्छा रहा कि पत्थर लगने से किसी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खिड़की के कांच टूटे, यात्रियों में मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की शाम जब ट्रेन बेतिया शहर से सटे प्रजापति हॉल्ट के पास से गुजर रही थी, तभी अज्ञात पत्थरबाजों ने ट्रेन पर पत्थरों की बौछार कर दी। पत्थर सीधे कोच संख्या सी-टू (C-2) की सीट संख्या 53-54 के पास वाली खिड़की पर जाकर लगे, जिससे कांच टूट गया। ट्रेन के अंदर बैठे यात्री अचानक हुए इस हमले से सहम गए। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला इतना अचानक था कि जब तक कोई कुछ समझ पाता, उपद्रवी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
जांच में जुटी आरपीएफ, सीसीटीवी खंगालने की तैयारी
घटना के बाद रेलवे प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शनिवार को नरकटियागंज आरपीएफ ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पत्थरबाजों की पहचान करने के लिए आरपीएफ ने अपने अधिकारियों की एक टीम गोरखपुर भेजी है, ताकि ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा सके। रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समस्तीपुर मंडल में पत्थरबाजी का 'हॉटस्पॉट'
चौंकाने वाली बात यह है कि समस्तीपुर मंडल में वंदे भारत ट्रेन पर पत्थरबाजी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कांटी और कपरपुरा के बीच ट्रेन को निशाना बनाकर शीशा तोड़ा जा चुका है। नरकटियागंज इलाके में यह दूसरी बार है जब इस हाई-स्पीड ट्रेन पर हमला हुआ है। रेलवे ट्रैक के किनारे रहने वाले लोगों के बीच जागरूकता की कमी और असामाजिक तत्वों की सक्रियता के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।




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