बिहार की महिलाओं की कीमत लगा फंसा गिरधारी लाल, मुजफ्फरपुर कोर्ट में केस दायर
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारीलाल साहू के विरुद्ध मुजफ्फरपुर की अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-प्रथम पश्चिमी के कोर्ट में शनिवार को परिवाद दाखिल किया गया है। गिरधारीलाल ने बिहार की लड़कियों पर आपत्तिजनक बयान दिया था।

बिहार की लड़कियों के संबंध में आपत्तिजनक बयान देने को लेकर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारीलाल साहू के विरुद्ध मुजफ्फरपुर की अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-प्रथम पश्चिमी के कोर्ट में शनिवार को परिवाद दाखिल किया गया है । यह परिवाद अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने दाखिल किया है। कोर्ट ने परिवाद को सुनवाई पर रखा है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि उत्तराखंड के मंत्री के पति के आपत्तिजनक बयान से बिहार की महिलाओं को अपमानित करने का काम किया गया है।
आपको बता दें गिरधारी लाल साहू की बिहार की बेटियों पर अभद्र टिप्पणी से पूरे राज्य में आक्रोश है। सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने इसकी तीखी निंदा की है। महिला संगठनों में बयान के बाद उबाल है। संगठनों ने सार्वजनिक माफी, मंत्री के इस्तीफे और उनके पति को भाजपा से निष्कासित करने की मांग की है। वहीं, राज्य महिला आयोग ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
मंत्री पति के बयान पर बिहार के राजनीतिक दलों ने तीखा हमला किया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखे संदेश में आरोप लगाया है कि भाजपाइयों की बिहार और महिलाओं के प्रति सदा से ही ऐसी विषैली सोच रही है। भाजपा ने पहले वोट खरीदा अब उसके नेता लड़की ले जाने की बात कर रहे हैं। बयान का वीडियो साझा करते हुए तेजस्वी ने कहा कि इससे साफ है कि वे बिहार की महिलाओं के प्रति कितनी घृणित सोच रखते हैं। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के साथ ही भाजपा की ओर से स्पष्टीकरण आना चाहिए।
राजद के साथ कांग्रेस ने भी उत्तरखंड की मंत्री रेखा आर्या को बर्खास्त करने की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार की लड़कियों के बारे में बयान पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। पीएम और भाजपा को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।




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