नीतीश के 2 सिपाही आमने सामने, विधायक मनोज यादव ने MP गिरधारी यादव के खिलाफ मोर्चा खोला
मनोज यादव ने कहा अगर सांसद में थोड़ी भी नैतिकता और राजनीतिक समझ बची है, तो उन्हें खुद इस्तीफा देकर मैदान में उतरना चाहिए। पिता एनडीए में सांसद हैं और बेटा राजद से चुनाव लड़ेगा।

Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले नीतीश कुमार की पार्टी के दो बड़े नेता (विधायक और सांसद) आमने-सामने आ गए हैं। बेलहर के जदयू विधायक मनोज यादव ने अपनी ही पार्टी के बांका सांसद गिरिधारी यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने सांसद पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सांसद पुत्र के राजद प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा से यह स्पष्ट है कि पिता-पुत्र की राजनीति केवल सत्ता और स्वार्थ पर टिकी है। गिरधारी यादव के पुत्र चाणक्य प्रकाश रंजन ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सदस्यता ग्रहण कर ली। चाण्यक बांका के बेलहर से चुनाव लड़ने की तैयारी में है जहां से मनोज यादव विधायक हैं।
मनोज यादव ने कहा अगर सांसद में थोड़ी भी नैतिकता और राजनीतिक समझ बची है, तो उन्हें खुद इस्तीफा देकर मैदान में उतरना चाहिए था। पिता एनडीए में सांसद हैं और बेटा राजद से चुनाव लड़ेगा, क्या यह जनता को भ्रमित करने का खेल नहीं है। उन्होंने कहा कि बांका जिले को पिछले तीस वर्षों में जिस तरह लूटा गया है, अब बेलहर की जनता इसका हिसाब लेगी।
जदयू ने सांसद से स्पष्टीकरण मांगा
मनोज यादव ने कहा कि बेलहर के मतदाता किसी भी कीमत पर दोहरी राजनीति बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान सांसद द्वारा पार्टी लाइन से हटकर दिए गए बयानों पर जदयू ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। सांसद को इस प जवाब देना चाहिए। क्षेत्र की जनता सब देख रही है कि सांसद का चरित्र उजागर हो चुका है।
विधायक को नैतिकता की बात करने का अधिकार नहीं
इधर बांका के जदयू सांसद गिरिधारी यादव ने कहा कि जो व्यक्ति नीतीश कुमार की सरकार गिरा रहा था तथा एमएलसी चुनाव में जदयू उम्मीदवार के खिलाफ अपनी पत्नी को चुनाव लड़वाया उन्हें नैतिकता की बात करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायक स्वंय पार्टी में रहकर पार्टी विरोधी कार्य किया है। ऐसे में उन्हें इसप्रकार की बात करने का कोई अधिकार नहीं है।




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