बिहार विधानसभा में ब्राह्मणवाद पर बवाल, यूजीसी नियमों पर सरकार और विपक्ष में भिड़ंत
माले विधायक ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातियों को लेकर भेदभाव किया जाता है इसलिए बिहार में यूजीसी के नए नियम को लागू किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि ब्राह्मणवादी मानसिकता के लोगों ने इसका विरोध किया तो सुप्रीम कोर्ट ने इसे वापस ले लिया।

बिहार विधानसभा में ‘ ब्राह्मणवाद’ को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सदन के अंदर राज्य के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने यहां तक कह दिया कि बाबा भीमराव आंबेडकर के जाति विभिन्न समाज के सपना को यह तार तार करने की कोशिश है और यह लोग समाज के साथ गद्दारी करते हैं। इस मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में जमकर तकरार हुई है। दरअसल माले विधायक संदीप सौरव ने यूजीसी का मामला सदन में उठाया।
माले विधायक ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातियों को लेकर भेदभाव किया जाता है इसलिए बिहार में यूजीसी के नए नियम को लागू किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि ब्राह्मणवादी मानसिकता के लोगों ने इसका विरोध किया तो सुप्रीम कोर्ट ने इसे वापस ले लिया। देश में कब तक रोहित बेमुला सहित अन्य छात्रों की मौत होती रहेंगी। 2019 से लेकर 2024 के बीच 118 प्रतिशत उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत मामलों में हुए विवाद में बढ़ोतरी हुई है।
सदन में माले विधायक के द्वारा ब्राह्मणवाद को लेकर टिप्पणी किए जाने पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने आपत्ति जताई। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का यदि आप सम्मान करते हैं तो इस तरह के का भाषा उचित नहीं है... किसी की भी मृत्यु पूरे देश और राज्य के लिए क्षति होती है। डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि मैं हर समाज का सम्मान करता हूं। समाज के प्रति जो जहर बोया जा रहा है इससे देश कमजोर हो रहा है।
मैं भी टेक्निकल कॉलेज में पढ़ने मुजफ्फरपुर गया था। उस समय सरकार किसकी थी? मैं भूमिहार ब्राह्मण समाज से आता हूं। मेरा भी रैगिंग हुआ था और हॉस्टल से बाहर निकालने के लिए विवश किया गया। विजय कुमार सिन्हा ने आगे कहा कि बाबा भीमराव आंबेडकर के जाति विभिन्न समाज के सपना को यह तार तार करने की कोशिश है । यह लोग समाज के साथ गद्दारी करते हैं।
स्पीकर ने लिया ऐक्शन
विजय सिन्हा के बयान पर राजद विधायक आलोक मेहता ने कहा कि जिस तरीके से इस पर यह लोग बोल रहे हैं तो चोर की दाढ़ी में तिनका है। जाति विशेष नहीं बल्कि ब्राम्हणवाद मानसिकता की बात कही गई है। बीजेपी विधायक मिथलेश तिवारी ने कहा कि विपक्ष में बैठे लोगों को ब्राह्मणों से तकलीफ है। इन्हें ब्राह्मणवाद समझ में नहीं आती है। तीनों लोकों के स्वामी भगवान श्रीकृष्ण ने गरीब ब्राह्मण सुदामा के पैर पखाड़े थे। सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोक झोक के बाद बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने ऐक्शन लिया। स्पीकर ने 'ब्राह्मणवाद' शब्द को प्रोसीडिंग से हटाने की बात कही।




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