नहीं आए मामा तो उनके घर पहुंच गई CBI, नीट छात्रा मौत मामले में ढाई घंटे तक पूछे सवाल
सीबीआई के पटना कार्यालय में पूछताछ के लिए बुधवार को छात्रा के एक मामा को बुलाया गया था, लेकिन निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने के कारण सीबीआई दूसरे दिन उनके घर पहुंची और जानकारी ली। बताया जाता है कि सीबीआई के पांच सदस्यीय टीम सुबह साढ़े दस बजे ही छात्रा के ननिहाल पहुंच गयी थी।

पटन में नीट छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। इस केस को अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई की टीम तीसरी बार जहानाबाद पहुंची। गुरुवार को टीम ने मखदुमपुर थाना स्थित मृतक छात्रा के ननिहाल जाकर उसके दो मामा एवं नाना- नानी से इस केस के सिलसिले में जानकारी ली। करीब ढाई घंटे तक सीबीआई ने पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई। सीबीआई की टीम सुबह साढ़े दस बजे पहुंची थी। करीब एक बजे वहां से निकली।
मामा के परिवार के कुछ लोग गया जी में रहते हैं, उन लोगों से भी जानकारी जुटाने के लिए सीबीआई की टीम गया जी गई और पूछताछ की। छात्रा के मामा को साथ लेकर सीबीआई की टीम गया जी गयी थी। वहां पूछताछ के बाद टीम लौट गयी। देर शाम छात्रा के मामा भी अपने घर लौट गए। विदित हो कि सीबीआई के पटना कार्यालय में पूछताछ के लिए बुधवार को छात्रा के एक मामा को बुलाया गया था, लेकिन निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने के कारण सीबीआई दूसरे दिन उनके घर पहुंची और जानकारी ली। बताया जाता है कि सीबीआई के पांच सदस्यीय टीम सुबह साढ़े दस बजे ही छात्रा के ननिहाल पहुंच गयी थी। लेकिन किसी एक सदस्य के नहीं रहने के कारण करीब आधा घंटे तक रुकी रही।
इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों के साथ एक साथ सामूहिक रूप से पूछताछ कर इस केस के सिलसिले में जानकारी जुटाई। बताया जाता है कि मृतक छात्रा के मामा चार भाई हैं। दो मामा बाहर में नौकरी करते हैं। उनके परिवार के लोग गया जी में रहते हैं। दो मामा और नाना- नानी गांव में ही रहते हैं। जिसके कारण सीबीआई की टीम ने एक ही दिन छात्रा के ननिहाल और गया जी में जाकर जानकारी जुटाई। हालांकि पीड़िता के पैतृक गांव जाने की भी सूचना थी।
निलंबित दारोगा से भी पूछताछ
नीट छात्रा के संदिग्ध मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई ने गुरुवार को कदमकुआं के निलंबित दारोगा सह अपर थानाध्यक्ष शंकर झा से पूछताछ की। शंकर झा को पूछताछ के लिए दोपहर में सीबीआई कार्यालय बुलाया गया था। करीब आधे घंटे चली पूछताछ के दौरान सीबीआई टीम ने निलंबित दारोगा से छात्रा की बेहोशी में बरामदगी के दिन से लेकर जांच में उनकी भूमिका की विस्तृत जानकारी ली।
छात्रा छह जनवरी को कंकड़बाग मुन्नाचक के निजी गर्ल्स हॉस्टल कमरे में बेहोशी की हालत में मिली। उस दिन स्थानीय अस्पताल में इलाज कराने के बाद अगले दिन छात्रा को कदमकुआं थाना अंतर्गत प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूत्रों के अनुसार सीबीआई की टीम ने हेमंत झा से पूछा कि उनको घटना की पहली जानकारी कहां से मिली? इसके बाद उनका घटनास्थल से जुड़े चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष से समन्वय किस तरह हुआ? घटना की थाने में एंट्री कब हुई? उसके बाद घटना से संबंधित किन-किन लोगों का बयान दर्ज किया गया?
सूत्रों के मुताबिक शंकर झा इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। गौरतलब है कि इस मामले में चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी के साथ ही शंकर झा को प्रारंभिक जांच में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था।




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