Upendra Kushwaha son Deepak was counting agent for independent candidate against RLM Snehlata उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी के खिलाफ निर्दलीय के काउंटिंग एजेंट थे बेटे दीपक, मंत्री बने तो भांडा फूटा, Bihar Hindi News - Hindustan
More

उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी के खिलाफ निर्दलीय के काउंटिंग एजेंट थे बेटे दीपक, मंत्री बने तो भांडा फूटा

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का एक परिचय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें उन्हें सासाराम विधानसभा से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय प्रत्याशी रामायण पासवान का काउंटिंग एजेंट बताया गया है।

Sat, 22 Nov 2025 06:40 PMSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी के खिलाफ निर्दलीय के काउंटिंग एजेंट थे बेटे दीपक, मंत्री बने तो भांडा फूटा

रालोमो चीफ उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्री बनाया गया है। उनसे जुड़ी एक हैरतअंगेज जानकारी सामने आई है। दीपक प्रकाश का एक परिचय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें उन्हें सासाराम विधानसभा से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय प्रत्याशी रामायण पासवान का काउंटिंग एजेंट बताया गया है। इसी सीट पर चुनाव लड़कर रालोमो उम्मीदवार स्नेहलता ने एक लाख पांच हजार वोट लाकर जीत दर्ज की। इस भांडाफोड़ से उपेंद्र कुशवाहा फिर से आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं।

बताया जाता है कि दीपक प्रकाश की मां स्नेहलता सासाराम विधानसभा से रालोमो की टिकट पर चुनाव लड़ विधायक बनी हैं। इस विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे रामायण पासवान ने दीपक प्रकाश को अपना काउंटिंग एजेंट बनाया था। खुद अपनी मां के खिलाफ लड़े दीपक प्रकाश को बगैर चुनाव लड़े मंत्री बनने से लोग आश्चर्यचकित हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ रहे रामायण पासवान को 327 मत मिले और जमानत जब्त हो गई। ऐसे में दीपक प्रकाश को काउंटिंग एजेंट से मंत्री बनने पर सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:विभाग संभालने पहुंचने लगे मंत्री, अशोक चौधरी और दीपक प्रकाश कुशवाहा सबसे पहले

भाग्यशाली हैं दीपकः रामायण पासवान

दीपक को काउंटिंग एजेंट बनाए जाने पर निर्दलीय चुनाव लड़े रामायण पासवान का कहना है कि वे किसी को भी काउंटिंग एजेंट बना सकते हैं। काउंटिंग एजेंट की कार्रवाई चुनाव आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार हुई है। उन्हें परिचय पत्र भी नियमानुसार मिला है। परिचय पत्र पर आरओ सासाराम का हस्ताक्षर व मुहर भी है। कहा कि दीपक बहुत भाग्यशाली हैं। मुझे क्या पता था कि वे मंत्री बन जाएंगें।

चर्चा का बाजार गर्म

यह तथ्य उजागर होने के बाद सियासी हलके चर्चा शुरू हो गई है कि दीपक प्रकाश अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के लिए काम कर रहे थे या मां के खिलाफ चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार रामायण पासवान के लिए। चुनाव में दीपक काफी सक्रिय रहे। चुनावी दस्तावेजों के मुताबिक वे निर्दलीय रामायण पासवान के लिए काम कर रहे थे। सासाराम विधानसभा के रिटर्निंग अफसर के हस्ताक्षर से जारी प्रवेश पत्र में उन्हें रामायण पासवान का मतगणना अभिकर्ता बताया गया।

उपेंद्र कुशवाहा के लिए नई मुसीबत

बेटे को मंत्री बनाकर आलोचना के शिकार बने उपेंद्र कुशवाहा के लिए यह नई मुसीबत सामने आ गई है। चार विधायक होने के बावजूद कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनवाया जिसने चुनाव भी नहीं लड़ा। हालांकि कुशवाहा बेटे दीपक को महुआ विधानसभा से उतारने वाले थे। पर गठबंधन में यह सीट लोजपा के हिस्से में चली गई।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ब्राह्मण अफसर की बेटी से कैसे हुई दीपक प्रकाश की शादी, कौन है कुशवाहा की बहू?
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।