उपेंद्र कुशवाहा की राज्यसभा सीट पर सस्पेंस जारी, रालोमो चीफ बोले- सब मिलकर तय करेंगे
उपेंद्र कुशवाहा की राज्यसभा सीट पर सस्पेंस बरकरार है। फिलहाल वे अपनी दावेदारी पर खामोश नजर आ रहे हैं। रालोमो चीफ का कहना है कि कौन राज्यसभा जाएगा और कौन नहीं, यह एनडीए के सभी दल मिलकर तय करेंगे।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के चीफ उपेंद्र कुशवाहा की राज्यसभा दावेदारी पर सस्पेंस बरकरार है। वह खुद की दावेदारी पर खुलकर नहीं बोल रहे हैं। रालोमो चीफ ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कौन उम्मीदवार होगा यह एनडीए के सभी घटक दल मिलकर तय करेंगे। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि बिहार की पांचों राज्यसभा सीटों पर एनडीए की जीत होगी। बता दें कि बिहार में राज्यसभा की जिन 5 सीटों पर अगले महीने चुनाव है, उनमें से एक उपेंद्र कुशवाहा की है।
रालोमो चीफ उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्यसभा कौन जाएगा, कौन नहीं जाएगा, यह एनडीए तय करेगा। एनडीए के घटक दल इस पर अंतिम निर्णय लेंगे। इससे पहले कुशवाहा की सीट से केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मां रीना पासवान की दावेदारी की अटकलें चल रही थीं। हालांकि, शुक्रवार को चिराग ने इस कंफ्यूजन को दूर कर दिया। उन्होंने खुद मीडिया के सामने आकर अपनी मां की राज्यसभा उम्मीदवारी की अटकलों को खारिज किया।
कुशवाहा की राज्यसभा सीट पर फैसला भाजपा के हाथ
माना जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा दोबारा राज्यसभा जाएंगे या नहीं, यह पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी के हाथ में है। दरअसल, बिहार विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से 5 में से 4 सीटों पर एनडीए की जीत पक्की मानी जा रही है। इनमें से दो पर जेडीयू के सांसद चुने जा सकते हैं। वहीं, अन्य दो सीटों पर कौन उम्मीदवार होगा यह भाजपा तय करेगी।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि एक सीट पर भाजपा अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को कैंडिडेट बना सकती है। वहीं, दूसरी सीट पर उपेंद्र को फिर से मौका दे सकती है। हालांकि, भाजपा में भोजपुरी स्टार पवन सिंह समेत अन्य नाम भी चर्चा में है। ऐसे में कुशवाहा की दावेदारी पर संशय बना हुआ है।
वहीं, राज्यसभा की पांचवीं सीट पर जीत के दावे भी बिहार के एनडीए नेताओं की ओर से किए जा रहे हैं। हालांकि, एनडीए अपने दम पर पांचवीं सीट नहीं जीत सकता है। इसके लिए उसे तीन और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। दूसरी ओर, विपक्ष में आरजेडी भी एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है। हालांकि, महागठबंधन के उम्मीदवार को जीत के लिए 6 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। उसकी नजर असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम और बसपा पर टिकी हुई है।
राज्यसभा चुनाव 2026 में बिहार में अगर विपक्ष ने कैंडिडेट दिया तो मतदान होगा। यदि विपक्ष ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा तो एनडीए के पांचों कैंडिडेट निर्विरोध जीत जाएंगे। 5 विधायकों वाली ओवैसी की पार्टी ने भी दो दिन पहले अपना कैंडिडेट उतारने का ऐलान कर दिया है, जिससे सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है।




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