उपेंद्र कुशवाहा के विधायक ने कहा- शराबबंदी की समीक्षा करो, नीतीश के मंत्री बोले- नहीं होगी
बिहार विधानसभा में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम के विधायक माधव आनंद ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग कर दी। हालांकि, मंत्री ने सदन में उनकी मांग खारिज कर दी।

बिहार विधानसभा में मंगलवार को उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब सत्ता पक्ष के ही एक विधायक ने राज्य में लागू शराबबंदी की समीक्षा की मांग कर दी। राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के विधायक माधव आनंद ने ग्रामीण विकास विभाग के बजट चर्चा के दौरान यह मांग उठाई। हालांकि, नीतीश सरकार में मंत्री विजय चौधरी ने उनकी मांग को खारिज कर दिया।
मधुबनी विधायक माधव आनंद ने कहा कि शराबबंदी को सही ढंग से लागू किया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर उसमें संशोधन भी होना चाहिए। उन्होंने कहा, "सबसे जरूरी यह है कि शराब को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलना चाहिए, लेकिन समीक्षा अवश्य होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शराबबंदी का फैसला लेने के लिए बहुत जज्बा और बड़ा दिल चाहिए। नीतीश ने वह जज्बा दिखाया था। जब शराबबंदी कानून लागू हुआ था, तब पक्ष और विपक्ष सभी ने समर्थन किया था। सीएम नीतीश हमेशा अपनी योजनाओं की समीक्षा करते हैं, इसलिए अब वक्त आ गया है कि शराबबंदी की भी समीक्षा होनी चाहिए।
सदन में विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मुखर रहा। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सूबेदार दास ने कहा कि बिहार में शराबबंदी का असर सिर्फ इतना ही है कि दारू बंद होने की जगह उसकी होम डिलीवरी हो रही है। साथ ही, शराब की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं।
नीतीश सरकार बोली- शराबबंदी की समीक्षा नहीं होगी
वहीं, बिहार के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सदन में कहा कि राज्य सरकार के स्तर पर शराबबंदी की समीक्षा का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में अभी शराबबंदी लागू है और तय कानून के तहत यह प्रभावी ढंग से लागू रहेगी। किसी स्तर पर इसकी समीक्षा का विचार भी नहीं है।
बता दें कि विपक्ष की ओर से लगातार बिहार में शराबबंदी को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। आरजेडी अक्सर सदन के अंदर और बाहर शराब की अवैध बिक्री के मुद्दे उठाते रही है। हालांकि, सत्ता पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर सवाल बहुत कम ही होते हैं। हालांकि, केंद्रीय मंत्री एवं हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा (HAM) के सुप्रीमो जीतनराम मांझी कई बार शराबबंदी कानून पर अपनी ही सरकार के खिलाफ बोलते रहे हैं।




साइन इन