चिराग पासवान के विधायक ने कहा- शव जलाने से प्रदूषण होता है, बरस पड़े एनडीए के मंत्री-MLA
बिहार विधानसभा में मंगलवार को चिराग पासवान की पार्टी के विधायक राजू तिवारी ने कह दिया कि शवों को लकड़ी से जलाने पर प्रदूषण होता है। इसके बाद सत्ता पक्ष में असहजता की स्थिति बन गई। मंत्री दीपक प्रकाश ने इस पर आपत्ति जताई। भाजपा विधायक ने भी उन्हें टोक दिया।

बिहार विधानसभा में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के एक विधायक के बयान पर सत्ता पक्ष में असहजता की स्थिति बन गई। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत शवदाह गृहों के निर्माण की मांग करते हुए लोजपा-आर विधायक राजू तिवारी ने सदन में कह दिया कि लकड़ी से शवों को जलाने पर प्रदूषण होता है। इस बात पर सत्ता पक्ष के सदस्य ही उन पर भड़क गए। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश से लेकर भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा समेत अन्य सदस्य उन्हें टोकने लगे।
विधानसभा की बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान में लोजपा-आर के गोविंदगंज से विधायक राजू तिवारी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में विद्युत शवदाह गृह की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में पारंपरिक रूप से दाह संस्कार करने पर लकड़ियों की जरूरत पड़ती है। वर्तमान में लकड़ियों की बढ़ती कमी, लागत और पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण की आवश्यकता को देखते हुए, विद्युत शवदाह गृह बनाने की जरूरत बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि बिहार के अधिकतर प्रखंडों में अभी विद्युत शवदाह गृह नहीं के बराबर हैं। इस कारण आम नागरिकों को दाह संस्कार के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लकड़ी से शवों को जलाने पर वनों की कटाई तेज हो गई है और प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
पंचायती राज मंत्री ने जताई आपत्ति
नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने लोजपा-आर विधायक की इस बात पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विधायक ने दाह संस्कार को प्रदूषण से जोड़ा है, जो ठीक नहीं है। पर्यावरण संरक्षण अच्छी बात है लेकिन इसे प्रदूषण के नजरिए से देखना उचित नहीं है।
वहीं, सदन में मौजूद भारतीय जनता पार्टी के विधायक जीवेश मिश्रा और सत्ता पक्ष के अन्य सदस्यों ने भी राजू तिवारी को टोका। इससे सत्ता पक्ष में असहजता का माहौल बन गया।
शहरों में विद्युत शवदाह गृह बनेंगे, गांवों में भी विचार करेगी सरकार
विधायक राजू तिवारी के सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी शहरों एवं महत्वपूर्ण नदी घाटों पर विद्युत शवदाह गृह और मोक्ष धाम का निर्माण किया जाना है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार में अभी 264 नगर निकाय है, इनमें से 41 में योजना कार्यान्वित की जा रही है। 11 नगर निकायों में विद्युत शवदाह गृह स्थापित किए जा चुके हैं। अन्य 30 शहरों में भी प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है।
वहीं, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि 15वीं केंद्रीय वित्त आयोग की ओर से अनुदान के रूप में जो राशि पंचायती राज संस्थाओं को मिलती है, उसमें प्रावधान है कि वे अपने फंड से विद्युत शवदाह गृह का निर्माण करा सकते हैं। इस पर विधायक राजू तिवारी ने कहा कि उतने कम पैसे में यह काम नहीं होने वाला है। इसके लिए ज्यादा फंड की जरूरत है। पंचायती राज विभाग को इस संबंध में गाइडलाइन उपलब्ध करानी चाहिए।
इस पर दीपक प्रकाश ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने भी कहा कि सरकार इसको गंभीरता से ले रही है। पूरे बिहार शवदाह गृह को चिह्नित किया जा रहा है। जैसे शहरों में हो रहा है, वैसे ही ग्रामीण क्षेत्र में भी सरकार इस काम पर विचार करेगी।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)




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