बिहार की नीट छात्रा मौत मामले में बड़ा अपडेट, जांच की कमान सीबीआई दिल्ली के हाथ; एसपी पटना में कर रहे कैंप
जांच की निगरानी की कमान सीबीआई दिल्ली ने संभाल ली है। मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) दिल्ली के एसपी पटना में कैंप कर जांच की निगरानी कर रहे हैं।

Neet Girl Death CBI Investigation: बिहार के जहानाबाद की रहने वाली नीट छात्रा की पटना के हॉस्टल में हुई मौत मामले में जांच की निगरानी की कमान सीबीआई दिल्ली ने संभाल ली है। शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) दिल्ली के एसपी पटना में कैंप कर जांच की निगरानी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पटना सिविल कोर्ट के पॉक्सो कोर्ट की फटकार के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई के दिल्ली के अधिकारियों को सक्रिय किया गया है। जांच के केंद्र बिंदु में हत्या के प्रयास और पॉक्सो एक्ट हैं।
कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई से 30 मार्च को अद्यतन रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, एफआईआर और जांच टीम में बदलाव नहीं हुआ है। केस की जांच पदाधिकारी (आईओ) विभा कुमारी ही हैं। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत की जांच पहले बिहार पुलिस कर रही थी। इसके बाद इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई। पहले सीबीआई की ओर से एएसपी पवन श्रीवास्तव को कांड का जांच पदाधिकारी बनाया गया था मगर बाद में विभा कुमारी को जांच की कमान सौंप दी गई। कोर्ट ने कांड की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी को फटकार लगाई थी। छात्रा नाबालिग थी। मौत को हत्या और यौन उत्पीड़न को केंद्र में रखकर जांच की जा रही है। इसके बाद भी सीबीआई ने पॉक्सो नहीं लगाया था। कोर्ट के आदेश के बाद इस धारा को कांड में जोड़ा गया।
सीबीआई की पटना टीम के काम की निगरानी अब दिल्ली सीबीआई करेगी। इसके लिए वरीय अधिकारी पटना में डटे हुए हैं। कांड की जांच पर कोर्ट की भी नजर है। सीबीआई की जांच की दिशा पर छात्रा के परिजन भी सवाल उठा रहे हैं। उनके वकील ने कहा था कि जांच एजेंसी सही दिशा में काम नहीं कर रही है। परिजनों ने जांच एजेंसी पर उन्हें टारगेट करने का आरोप लगाया। छात्रा के मामा पूछताछ के बीच में ही सीबीआई ऑफिस छोड़कर निकल गए।
पिछले दिनों विभा कुमारी के नेतृत्व में सीबीआई की टीम छात्रा के गांव जहानाबाद गई थी। टीम परिवार के सदस्यों से मिलना चाहती थी। लेकिन, जांच टीम को घर में घुसने से भी रोक दिया गया। छात्रा की मां ने अधिकारियों से बात नहीं की। कोर्ट की ओर से सवाल उठाया गया कि आरंभिक 20 दिनों तक सीबीआई मामले में चुप क्यों रह गई।
बताते चलें कि 6 जनवरी को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जहानाबाद की छात्रा बेहोश मिली। उसे आनन फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। एक अस्पताल से दूसरे में रेफर किया गया। 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में इतना विरोध हुआ कि सरकार को भी सोचना पड़ा।




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