नीट छात्रा मौत केस में पॉक्सो कोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट, सीबीआई को 5 दिन का समय
नीट छात्रा से दरिंदगी और मौत मामले में पटना के पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने सीबीआई से अद्यतन जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए जांच एजेंसी को 5 दिन का समय दिया गया है।

पटना के हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत से जुड़े मामले में पॉक्सो कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से अपडेटेडे जांच रिपोर्ट मांगी है। पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमन ने जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 30 मार्च की तिथि निर्धारित की है। इस कांड के सूचक के वकील ने पॉक्सो की विशेष अदालत में एक आवेदन दायर कर कांड की अद्यतन जांच रिपोर्ट मांगी थी।
नीट छात्रा की मौत की जांच दिल्ली सीबीआई की टीम हत्या के प्रयास और पॉक्सो एक्ट में कर रही है। राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने कांड दर्ज किया था। सीबीआई के पॉक्सो एक्ट लगाने के बाद विशेष न्यायिक दंडाधिकारी ने मामले को पटना सिविल कोर्ट के पॉक्सो की विशेष अदालत में मुकदमा का अभिलेख भेज दिया। नीट छात्रा कांड मामले की सुनवाई पॉक्सो की विशेष अदालत में चल रही है।
इस केस में सूचक का बयान पटना के कदमकुआं थाने के दारोगा ने लिया था। उस बयान पर चित्रगुप्त नगर थाने में 9 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी। शुरुआत में थानेदार रौशनी कुमारी ने जांच शुरू की थी। इसके बाद सरकार के आदेश पर जांच के लिए पटना आईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी।
राज्य सरकार की अनुशंसा पर सीबीआई ने 12 फरवरी को एफआईआर दर्ज कर जांच अपने जिम्मे ले ली। इस मामले में पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक मनीष रंजन न्यायिक हिरासत के तहत बेऊर जेल में बंद है। पॉक्सो की विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी नियमित जमानत खारिज कर दी है।
बता दें कि जहानाबाद जिले के शकूराबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा बीते 6 जनवरी को पटना स्थित अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश पाई गई थी। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। 5 दिन बाद उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पुलिस ने पहले इसे सुसाइड केस करार दिया था। मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की बात सामने आई।
फिर एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की गई। परिजन ने रेप और हत्या का आरोप लगाया। एसआईटी को छात्रा के कपड़ों से पुरुष वीर्य मिला था। पुलिस ने परिजन और छात्रा से जुड़े कई लोगों के डीएनए सैंपल भी लिए थे।
यह मामला पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया। परिजन द्वारा लगातार पुलिस जांच पर सवाल उठाए गए। हॉस्टल संचालक और डॉक्टरों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए। इसके बाद बिहार सरकार ने यह केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया। केंद्रीय जांच एजेंसी यह जांच कर रही है कि मौत से पहले छात्रा के साथ क्या हुआ था।




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