‘टंग ऑफ स्लिप होता रहता है’- सीएम सम्राट चौधरी की गलती निकालते LoP तेजस्वी खुद फिसल गए
तेजस्वी यादव ने कहा कि शपथ लेते मुख्यमंत्री बोलने में तीन चार शब्द गड़बड़ा गए। कोई बात नहीं है, टंग ऑफ स्लिप होता रहता है। सत्ताधारी दल के विधायकों ने तेजस्वी यादव की गलत अंग्रेजी को पकड़ लिया।
विश्वास मत के दौरान विपक्ष का पक्ष रखते नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमकर हमला बोला। कहा कि सीएम पद की शपथ लेते सम्राट चौधरी ने गलतियां कर दी। बोलने में तीन चार शब्द गड़बड़ा गए। कोई बात नहीं है, टंग ऑफ स्लिप होता रहता है। सत्ताधारी दल के विधायकों ने तेजस्वी यादव की गलत अंग्रेजी को पकड़ लिया। एनडीए विधायकों ने कहा कि स्लिप ऑफ टंग होता हो तो तेजस्वी यादव ने अपनी गलती मान ली।
तेजस्वी यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि अब उनके ऊपर परिवार वाद का आरोप नहीं लगेगा क्योंकि सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी मंत्री थे, उनकी मां भी विधायक थीं और वे विधायक से डिप्टी सीएम फिर मुख्यमंत्री बन गए। इसके लिए शकुनी चौधरी जी को विशेष रूप से धन्यवाद देंगे कि उन्होंने भागलपुर में नरेंद्र मोदी को गाड़ देने का भाषण दिया, शायद उसी से डर से मोदी जी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बना दिया। तेजस्वी यादव के बयान पर लोजपाआरवी के विधायक संजय कुमार तैस में आ गए तो तेजस्वी यादव यह कहकर बैठ गए कि मुझे नहीं बोलने देना चाहते हैं तो नहीं बोलेंगे।
तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार 20 सालों तक सीएम रहे पर बिहार कई मायनो में काफी पिछड़ा है। लालू जी ने 2005 में सरप्लस बजट दिया। आज बिहार पर चार लाख करोड़ का कर्ज है जो प्रति व्यक्ति 27 करोड़ का उधार पड़ता है। पेंशन और वेतन के लिए इनके पास पैसा नहीं है। चुनाव में बांटकर खजाना खाली कर दिया। बिहार की सच्चाई है वह बोलना हमारा फर्ज है। एक बात और पूछना है कि पांच साल में पांच सरकार ही रहेगा कि कुछ और योजना है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार जब जनता के लिए कोई योजना बनाती है तो विपक्ष को भी विमर्श में शामिल किया जाए। सम्राट जी आगे चलें हम लोग साथ चलेंगे। प्रधानमंत्री जी के पास चलें हम लोग उनसे बिहार के लिए विशेष पैकेज लेकर आते हैं। हालांकि वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने कहा कि बिहार का खजाना खाली नहीं है। सरकार के पास जरूरी काम के लिए आवश्यक पैसा है।
तेजस्वी ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार सबसे गरीब राज्य है। शिक्षा, स्वास्थ्य के मामले में हम फिसड्डी हैं। चुनाव के पहले हजारों करोड़ लोन लिए गए। 2005 में बिहार सरप्लस स्टेट था। आज बिहार पर चार लाख करोड़ का कर्ज है। पेंशन के लिए पैसा नहीं है। जब पैसा नहीं रहेगा तो काम कैसे करेंगे। खजाना खाली है। देश के पांच अव्वल राज्यों में बिहार कैसे आए, इस काम में हम सरकार को सहयोग करेंगे। नीति बनाएं तो विपक्ष से सलाह लें। महिला आरक्षण की बात हो तो कोटा के भीतर कोटा हो। महागठबंधन सरकार ने 65 फीसदी आरक्षण बढ़ाया था, उसे फिर से बहाल करें। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पीएम से मिलने चलिए।




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