छात्रा के आकार के तीन पुतले तैयार, अपार्टमेंट से गिरेंगे; पटना में सीन रीक्रिएशन आज
11 सदस्यीय एसआईटी वरीय पुलिस पदाधिकारियों के निर्देश पर मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। परिवार की ओर से लगाए गए सभी आरोपों की भी जांच हो रही है। संदिग्धों से पूछताछ की गई है। इसके साथ ही कोचिंग के शिक्षक, छात्रा के परिजनों, सहपाठियों और चकमूसा गांव के लोगों से भी जानकारी जुटाई गई है।

राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के हरिनगर स्थित बिल्डिंग से संदिग्ध परिस्थिति में गिरकर हुई छात्रा की मौत के मामले में सीन रीक्रिएशन सोमवार को नहीं हो सका। एफएसएल टीम की व्यस्तता के कारण इसे टालना पड़ा। अब मंगलवार को सातवीं मंजिल की छत से सीन रीक्रिएट किया जाएगा। इसके लिए मृत छात्रा के वजन और कद के अनुरूप तीन पुतले बनवाए गए हैं।
थानाध्यक्ष गुलाम शाहबाज ने बताया कि मंगलवार को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरी प्रक्रिया कराई जाएगी। 11 सदस्यीय एसआईटी वरीय पुलिस पदाधिकारियों के निर्देश पर मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। परिवार की ओर से लगाए गए सभी आरोपों की भी जांच हो रही है। संदिग्धों से पूछताछ की गई है। इसके साथ ही कोचिंग के शिक्षक, छात्रा के परिजनों, सहपाठियों और चकमूसा गांव के लोगों से भी जानकारी जुटाई गई है।
छात्रा से रेप की पुष्टि नहीं- एसपी भानू प्रताप सिंह
फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के हरिनगर स्थित बिल्डिंग से संदिग्ध परिस्थिति में गिरकर हुई छात्रा की मौत मामले में बिल्डिंग की सातवीं मंजिल से छात्रा के वजन के बराबर का पुतला नीचे गिराकर जांच की जाएगी। यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि घटना वाले दिन क्या छात्रा को किसी ने धक्का दिया था अथवा उसने खुद छलांग लगाई थी। एसपी पश्चिम भानू प्रताप सिंह ने बताया था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा से दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में हिरासत में लिए गए आरोपितों का भी कोई रोल अब तक सामने नहीं आया है। लिहाजा किन परिस्थितियों में छात्रा गिरी इसको लेकर फिलहाल कई पहलुओं से जांच की जा रही है।
सुमित्रा हाइट्स अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से गिरी थी छात्रा
हरिनगर स्थित सुमित्रा हाइट्स अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल की छत से गिरकर 16 वर्षीय 12वीं कक्षा की छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई थी। छात्रा के सीढ़ियों से छत पर जाने और गिरने की घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। इस मामले में पहले दिन पुलिस ने शक के आधार पर अपार्टमेंट में काम करने वाले बढ़ई और गार्ड सहित चार लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में इस मामले मे उनका कोई रोल सामने नहीं आया। परिजनों के गलत किए जाने की आशंका के बाद पुलिस ने एम्स के मेडिकल बोर्ड से छात्रा का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा से दुष्कर्म अथवा यौन शोषण की बात सामने नहीं आई है।




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