बिहार में अब जमीन रजिस्ट्री कराते समय देनी होगी ये 13 जानकारियां, 1 अप्रैल से नया नियम
जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, आवेदकों को उसके लिए पोर्टल पर निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना, खाता संख्या, खेसरा, भूमि का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता, विक्रेता का नाम और भूमि का प्रकार बताना होगा।

बिहार में अब रैयती जमीन के निबंधन से पहले खरीदारों को उसके बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। जमीन रजिस्ट्री कराते समय आवेदकों को निबंधन पोर्टल पर 13 तरह की जानकारी देनी होगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 या एक अप्रैल से ही यह नियम प्रभावी हो जाएगा। सात निश्चय-3 के तहत सबका सम्मान, जीवन आसान के तहत दस्तावेज निबंधन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इस बाबत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव की ओर से संयुक्त पत्र सभी समाहर्ताओं को भेजा गया है।
पत्र में कहा गया है कि पूर्ण जानकारी के अभाव में जमीन रजिस्ट्री होने से अनावश्यक विवाद उत्पन्न हो रहे हैं। इसलिए निबंधन की प्रक्रिया को और जनोन्मुखी व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि पक्षकार अगर चाहें तो उनको संबंधित भूमि के बारे में आधिकारिक रूप से पूरी जानकारी दी जाएगी।
आवेदकों को जमीन की खरीद के लिए ई-निबंधन पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाकर लॉग इन करना होगा। जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, आवेदकों को उसके लिए पोर्टल पर निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना, खाता संख्या, खेसरा, भूमि का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता, विक्रेता का नाम और भूमि का प्रकार बताना होगा।
अगर आवेदक भूमि के बारे में अद्यतन जानकारी वाले विकल्प का चयन नहीं करेंगे तो संबंधित निबंधन कार्यालय पूर्व निर्धारित तरीके से उसके दस्तावेज के निबंधन के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगा। लेकिन अगर जानकारी चाहेंगे तो उसे संबंधित सीओ/राजस्व अधिकारी के लॉगइन में भेज दिया जाएगा। साथ ही उनको एसएमएस भी भेज दिया जाएगा।
अंचल अधिकारी लागइन से अपलोड की गई जानकारी की जांच-पड़ताल कर 10 दिनों के भीतर आवेदक को पूरी जानकारी एसएमएस से मुहैया कराएंगे। अगर 10 दिनों के भीतर अंचल या राजस्व अधिकारी आवेदक को जानकारी मुहैया नहीं कराएंगे तो यह माना जाएगा कि आवेदक की जानकारी सही है। वह स्वत: ही निबंधन कार्यालय को चला जाएगा। अंचलाधिकारियों को भी एसएमएस से इसकी जानकारी दे दी जाएगी।




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