गर्मी से राहत के लिए आहर में नहाने लगे, बिहार में एक ही घर के 3 बच्चे डूबे; मातम पसरा
तीनों बच्चे 8वीं कक्षा के छात्र थे और कोसडीहरा स्कूल से पढ़ाई कर घर लौट रहे थे। रास्ते में गर्मी से राहत पाने के लिए वे गांव के पास स्थित आहर में नहाने लगे। स्थानीय लोगों के अनुसार चार बच्चे नहा रहे थे, जिनमें एक किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा, जबकि बाकी तीन गहरे पानी में चले गए और डूब गए।

बिहार में गयाजी शहर से महज 12 किलोमीटर दूर मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के काजीचक गांव में सोमवार की दोपहर एक हृदयविदारक हादसा हो गया। एक ही परिवार के तीन किशोर आहर में डूबकर असमय काल के गाल में समा गए। मृतकों की पहचान मो. इम्तियाज के दो बेटे - इरशाद और दिलशाद, तथा इम्तियाज के छोटे भाई मो. असलम के बेटे मो. फरियाद के रूप में हुई है।
गहरे पानी में चले गए, मौके पर ही डूबे तीनों किशोर
बताया गया कि तीनों बच्चे 8वीं कक्षा के छात्र थे और कोसडीहरा स्कूल से पढ़ाई कर घर लौट रहे थे। रास्ते में गर्मी से राहत पाने के लिए वे गांव के पास स्थित आहर में नहाने लगे। स्थानीय लोगों के अनुसार चार बच्चे नहा रहे थे, जिनमें एक किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा, जबकि बाकी तीन गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
दोनों भाइयों पर टूटा दुखों का पहाड़
मो. इम्तियाज शहर के एक गैरेज में काम करते हैं और बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वहीं, उनके छोटे भाई मो. असलम टेम्पो चला कर गुजारा करते हैं। हादसे के बाद दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चों की मौत की खबर फैलते ही गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया और सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जुट गए।
इस मामले में सरपंच शैलेन्द्र सिंह ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह हादसा सिर्फ एक परिवार नहीं, पूरे गांव के लिए त्रासदी है। उन्होंने बताया कि प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की गई है।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
सूचना मिलते ही पुलिस व एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव निकाले गए। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।




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