अपराधियों को पार्टी में शामिल कराने, जिंदाबाद के नारे लगवाने वाले... संतोष सुमन ने चिराग और तेजस्वी को याद दिलाई नैतिकता
बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार पर हमला बोल रहे तेजस्वी यादव और एनडीए के सहयोगी चिराग पासवान पर हम (से.) के अध्यक्ष संतोष सुमन ने बिना नाम लिए तंज कसा है। उन्होने कहा कि अपराधियों को पार्टी में शामिल कराने और जिंदाबाद के नारे लगवाने वाले नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं।

बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार नीतीश सरकार पर हमलावर है। अपराधिक घटनाओं के आंकड़े बताकर वो नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ एनडीए के सहयोगी और लोजपा-आर के अध्यक्ष चिराग पासवान भी नीतीश सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होने तो यहां तक कह दिया था कि मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं। अब इस मामले पर एनडीए के ही सहयोगी हम (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संतोष सुमन ने बिना नाम लिए तेजस्वी और चिराग पासवान को घेरा है।
उन्होने कहा कि आजकल अपराध पर बयान देकर मीडिया की सुर्खियां बटोरने का फैशन हो गया है। अपराधियों को ताम-झाम और गाजे-बाजे के साथ पार्टी में शामिल कराने, अपराधियों के लिए मंच से 'जिंदाबाद' और 'अमर रहे' के नारे लगवाने के दौरान इन लोगों की नैतिकता कहां चली जाती है? दरअसल हाल ही में आरजेडी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में तेजस्वी यादव ने पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन और तस्लीमुद्दीन के लिए ‘अमर रहे’ के नारे लगवाए थे। वहीं दूसरी तरफ सीवान के खान ब्रदर्स अयूब खान और रईस खान चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) में औपचारिक रूप से शामिल हो गए हैं।
जिस पर ट्वीट करते हुए चिराग ने लिखा कि अयूब खान और रईस खान अपने समर्थकों के साथ चिराग पासवान के कुशल नेतृत्व और उनके 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' विजन से प्रेरित होकर पार्टी में शामिल हुए। यह पार्टी के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आपको बता अयूब और रईस खान पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। कभी बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में दहशत थी। जिसको लेकर जीतनराम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने तंज कसा है।
लघु संसाधन जल मंत्री ने कहा कि बिहार कब का संगठित और सत्ता संरक्षित अपराध की दुनिया से बाहर निकल गया है। संगठित अपराध के मामले में बिहार देश में 19वें स्थान पर है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में राष्ट्रीय औसत से बिहार आधे पर है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को छुड़ाने व बचाने के लिए थानों में फोन करने की बातें गुजरे दिनों की हो गई हैं। हर आपराधिक घटना के खिलाफ त्वरित व कारगर कार्रवाई करने की पुलिस को खुली छूट मिली हुई है।




साइन इन