एक भी विधायक नहीं तो सरकार को सपोर्ट कैसे? चिराग से नीतीश के विधायक का तीखा सवाल
जदयू के परबत्ता विधायक डॉ. संजीव कुमार ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से पूछा है कि जरा बताएं आप एनडीए को कैसे सपोर्ट कर रहे हैं। आपका तो एक भी एमएलए नहीं है।
बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने पर मोदी सरकार खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान जदयू के निशाने पर आ गए हैं। मुख्य प्रवक्ता नीरज के बाद पार्टी विधायक संजीव कुमार ने चिराग पासवान से तीखा सवाल किया है। उन्होंने कहा है कि जब उनकी पार्टी का एक भी विधायक नहीं है तो नीतीश कुमार की सरकार को सपोर्ट कैसे कर रहे हैं।
जदयू के परबत्ता विधायक डॉ. संजीव कुमार ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से पूछा है कि जरा बताएं आप एनडीए को कैसे सपोर्ट कर रहे हैं। आपका तो एक भी एमएलए नहीं है। चिराग पासवान जी के मन में क्या है, यह तो चुनाव के पहले से ही पता चल रहा है। इसलिए उनके मन में क्या चल रहा है। यह मुझे जानकारी रखने की जरूरत नहीं है। यह सभी लोग देख रहे है। वह रविवार को मीडिया से बात कर रहे थे। संजीव कुमार का इशारा 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की रणनीति की ओर था।
शनिवार को चिराग पासवान ने बिहार में हो रही आपराधिक वारदातों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराधी बेखौफ होकर अपराध कर रहे हैं। मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं। जिस तरह से बिहार में एक के बाद एक हत्याएं, अपहरण, लूटपाट, डकैती, बलात्कार की घटनाएं हुई हैं और अब ऐसा लग रहा है जैसे प्रशासन इन घटनाओं को रोकने में पूरी तरह से असमर्थ है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमारे राज्य में बेहद भयावह स्थिति पैदा हो जाएगी। मेरा भी मानना है कि सरकार को बदनाम करने की साजिश के तहत इन घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। लेकिन फिर भी इसे नियंत्रित करने की जिम्मेदारी प्रशासन की ही है। चिराग पासवान के इस बयान पर जीतनराम मांझी और जदयू के नीरज कुमार ने त्वरित पलटवार किया।
संजीव कुमार ने पूछा है कि जब एक भी विधायक नहीं है तो कैसे समर्थन दे रहे हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने 137 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारा लेकिन मात्र एक सीट पर जीत हुई। चिराग के एक मात्र उम्मीदवार राजकुमार सिंह(मटिहानी बेगूसराय) ने जीत दर्ज की। वे भी बाद में बीजेपी में शामिल हो गए। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने भी ट्वीट कर चिराग पासवान को यही नसीहत दी।




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